सत्ता, स्वार्थ, सेक्स की चाशनी बनाम हनी ट्रैप

कभी आपने शहद की चटोरी मक्खी पर गौर किया है. एक बार जब शहद पर बैठती है तो पेट भरे या न भरे उस मक्खी का उड़ना मुश्किल ही होता है. आज सुबह से (गुरुवार) आज सुबह से ही क्यों, ये कहें कि कल (बुधवार) रात से रह रहकर वही मक्खी याद आ रही है. उस मक्खी के लिए भी तो शहद का लालच किसी ट्रैप से कम नहीं है. जो उसकी जान लेकर ही छोड़ता है. या शायद तब भी नहीं. पर, वो तो एक मक्खी ठहरी. जिसके लिए हनी का ‘ट्रैप’ समझना नामुमकिन है. इस ट्रैप से तो बहुत कुछ सोचने समझने वाले, बहुत ज्यादा पढ़े लिखे और रसूखदार पदों पर बैठे प्रतिष्ठित लोग भी नहीं बच पाते.

ताजा घटनाक्रम भोपाल और इंदौर का है. इंदौर में शिकायत दर्ज होने के बाद वहां से दो युवतियां और भोपाल से तीन युवतियां पकड़ी गईं. इसी के बहाने तो हनी का ये ट्रैप दीमाग में कौंध रहा है. किसने कितने सोचसमझ कर ये नाम रखा होगा न. हनी ट्रैप. शहद और मक्खी का इससे ट्रैप से कोई लेना देना नहीं है. ये ट्रैप तो उन लोगों के लिए है जो सत्ता की बागडोर संभालते हैं. उन अफसरों का स्वार्थ है जो सत्ता में बैठे चंद गलत लोगों के लिए नियमों को घुमाना फिराना खूब जानते हैं. और जब सत्ता और स्वार्थ का ये घोल बन जाता है तब इसका आखिरी इनग्रेडिएंट, याद रहे लास्ट बट नॉट द लीस्ट इनग्रेडिएंट डलता है सेक्स. जिसके बिना ये घोल (ट्रैप) न गाढ़ा होता है और न इतना लजीज कि हर कोई उसे चखने की आरजू लेकर आए. और उसमें फंसता चला जाए.

सत्ता और स्वार्थ जहां होंगे वहां ये ट्रैप भी जरूर होगा. वर्ना किसी गरीब आदमी की क्या बिसात कि वो अपनी ताकत दिखा कर किसी खूबसूरत हसीना को रिझा सके. उसके नखरे झेल सके. और फिर वो हसीना ही क्या जो अपने हुस्न के दम पर कुछ राज न उगलवा सके. क्योंकि ट्रैप के काम करने के लिए कोई ऐसा राज भी तो होना ही चाहिए जो ब्लैकमेलिंग  करके इस पूरे हनी को ट्रैप में तब्दील कर सके.

भोपाल, इंदौर में पकड़ा गया हनी ट्रैपिंग करने वाला ये गिरोह भी तो कुछ सत्ताधीशों के आसपास ही फैला हुआ है. जब युवतियां गिरफ्तार हुईं तो कांग्रेस के एक नेता का नाम आया. जो कथिततौर पर इस गिरोह का सरगना है. देखते ही देखते उन तस्वीरों की भी बाढ़ आ गईं जिसमें जिस्मफरौशी के इल्जाम के साथ पुलिस की गिरफ्त में बैठी युवतियां पार्टी के कद्दावर नेताओं या उनके करीबियों के साथ नजर आईं. अभी तो इस ट्रैप की पहली परत ही सिमटी हैं. छिंटाकशी और आरोपों की बौछार तो शुरू हो ही चुकी है.

बीजेपी के नुमाइंदे कांग्रेस के नेताओं के साथ उन हसीनाओं की तस्वीरें वायरल कर रहे हैं. तो कांग्रेस नेताओं ने भी ये साफ कर दिया है कि बीजेपी भी इस जंजाल में फंसेगी जरूर. तो हुजूर वो कहते हैं न इब्तिदा-ए-इश्क़ है रोता है क्या आगे-आगे देखिये होता है क्या. तो देखते रहिए जब परत दर परत हनी छंटेगा तो ट्रैप में कई बड़े चेहरे भी फंसे नजर आएंगे.

Title in English: 
madhya pradesh honey trap case
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कभी आपने शहद की चटोरी मक्खी पर गौर किया है.