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Andhra Pradesh Tirupati by-election: जय श्रीराम के बाद विवादों में माता सीता

पश्चिम बंगाल (west bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब 'जय श्रीराम' का नारा सुनती हैं तो वो क्रोधित हो जाती हैं और अपने कान बंद कर लेती हैं. बंगाल की राजनीति में बीते दिनों से 'जय श्रीराम' का नारा विवादों में है तो, वहीं अब आंध्र प्रदेश की तिरूपति लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले माता सीता राजनीति के भेंट चढ़ गईं.

आंध्र प्रदेश के गूंटूर पहाड़ी पर माता सीता के चरण पड़े थे. देशभर में ये पहाड़ी पूज्यनीय मानी जाती है. स्थानीय लोग इस पहाड़ी को सीताम्मा के नाम से पुकारते हैं. सीताम्मा का मतलब माता सीता. लेकिन अब सीताम्मा की पहाड़ी पर स्थानीय प्रशासन द्वारा मदर मैरी की प्रतिमा और एक बड़ा क्रॉस स्थापित किया है जो अब विवादों में है.

चुनाव से पहले हिंदू बनाम ईसाई की राजनीति

आंध्र प्रदेश की तिरुपति लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है. यहां वाईएसआरसीपी के सांसद का कोरोना से निधन हो गया था. इसके बाद ये तिरूपति की सीट खाली हो गई थी, उपचुनाव को लेकर राजनैतिक दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन इसी बीच यहां हिंदू बनाम ईसाई की राजनीति शुरू हो गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने अपने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करते हुए कहा है कि आंध्र प्रदेश के एदलपाडु में गैरकानूनी तरीके से माता सीता के चरण चिह्न वाले स्थान पर क्रॉस स्थापित किया है, जोकि पूरी तरह से गैरकानूनी है. बीजेपी सचिव सुनील देवधन ने कहा है कि इस पूरे मामले में क्रिश्चियन माफियाओं का हाथ है, जिस पहाड़ी पर क्रॉस स्थापित किया गया है, वो हिंदूओं का स्थान है. उन्होंने आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि रेड्डी सरकार ईसाईयों का समर्थन करने में लगे हुए हैं.

पहले भी की गई हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़

मामले को लेकर गुंटूर पुलिस ने ट्वीट करते हुए कहा है कि जिस स्थान पर क्रॉस लगाया गया है, वो हिंदू स्थान से करीब 500 मीटर दूरी पर है. वहीं नरसरावपेट के उपजिलाधिकारी का कहना है कि निकटवर्ती पहाड़ी पर एक पुराना ईसाईयों का मंदिर था. हिंदू धार्मिक स्थल पर अतिक्रमण का दावा ठीक नहीं है. ये भी बता दें की सितंबर 2020 में विजयनगरम जिले के एक गांव में एक मंदिर में तोड़फोड की घटना सामने आई थी. यहां करीब 400 साल पूराने भगवान राम के मंदिर में तोड़फोड की गई थी. मंदिर में स्थापित भगवान राम की मूर्ति को भी छतिग्रस्त कर दिया गया था. इसके अलावा विशाखापत्तनम में एक प्राचीन हिंदू मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई थी.


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