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Car के बाद Bike पर निकली अर्थी, नहीं मिली Ambulances

देश में कोरोना महामारी से हालात ऐसे हो गए हैं कि अब शवों को श्मशान तक ले जाने के लिए एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है. बीते दो दिनों पहले उत्तरप्रदेश के आगरा में एक बेटे को अपने पिता के शव को श्मशान ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिली थी. जिसके चलते बेटे ने कार की छत पर अर्थी सजाकर शव को श्मशान घाट तक पहुंचाया था. इसी बीच एक और दिल को दहला देने वाली खबर सामने आई है.

जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में एक महिला की मौत हो गई थी, परिजनों ने महिला के शव को श्मशान तक ले जाने के लिए कई घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार किया, मजबूरन परिजनों को बाईक पर शव को श्मशान ले जाना पड़ा. बताया जा रहा है कि महिला ही अचानक तबियत खराब हो गई थी, महिला का कोरोना टेस्ट भी कराया गया था लेकिन उसकी रिपोट निगेटिव आई थी. इलाज के दौरान महिला की अस्पताल में मौत हो गई थी.

बता दें कि देश के कई राज्यों में कोरोना से हालात बेकावू होते जा रहे हैं. शहरों के अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन से लेकर दवाईयों की मारामारी जारी है, तो वहीं कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशानों में लाइनें लगानी पड़ रही हैं. कई श्मशानों में तो टोकन दिए जाने लगे हैं. देश में अब कोरोना के रोजाना 3 लाख से अधिक मामले सामने आने लगे हैं. जबकि हजारों की तादात में मौतें होने लगी हैं. पिछले 24 घंटे में देशभर में 2771 लोगों की मौत हो चुकी है.

कार की छत पर पिता की अर्थी

यूपी के आगरा के जयपुर हाउस में एंबुलेंस की कमी के चलते एक मजबूर बेटे को अपने पिता की अर्थी कार की छत पर सजानी पड़ी. इस पूरे वाक्या को देखकर पूरे शहर की आंखें नम हो गईं. बेटे को समझ नहीं आ रहा था, कि वो अपने पिता के शव को श्मशान घाट तक कैसे ले जाए, लेकिन जब लाख कोशिशों के बावजूद एंबुलेंस का इंतजाम नहीं हो सका तो वो अपने पिता के शव को कार की छत पर बांधकर श्मशान ले गया. जब मोहित अपने पिता के शव को कार की छत पर बांधकर श्मशान ले जा रहा था, तो लोगों की आंखें नम हो गईं. इतना ही नहीं जब मोहित शव को मुक्ति धाम लेकर पहुंचा तो घंटों लाइन में अपने पिता के अंतिम संस्कार का इंतजार करता रहा.


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