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Nitish के तीर में धार नहीं, BJP को दिया बड़ा झटका!

बिहार में भले ही बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर सरकार बना ली है, लेकिन नीतीश कुमार के लिए अपने सीएम की कुर्सी को बचाना बेहद ही मुश्किल होता जा रहा है. इसकी वजह है कि बीजेपी का बढ़ता कद तो, वहीं जेडीयू का घटता वोट बैंक इसे बढ़ाने के लिए अब नीतीश कुमार अपना जीजान लगा रहे हैं और अपने साथियों को भी बुला रहे हैं. जेडीयू ने ऐसा समीकरण तैयार किया है, जिससे विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी भी बौखलाएगी.

मुश्किल में नीतीश-

विधानसभा चुनाव के बाद भले ही जेडीयू बीजेपी के साथ फिर से सत्ता पाने में कामयाब हो गई हो, लेकिन चुनावी नतीजे बताते हैं की जेडीयू के तीर में अब धार नहीं रही. आंकड़ों ने जेडीयू को तीसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है. अब जेडीयू को छोटा करके बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में आती दिख रही है. ये कमजोरी नीतीश को भी सीएम की कुर्सी से भी दूर कर सकती है. इसलिए खुद को मजबूत करने के लिए जेडीयू की निगाहें अपने पुराने लवकुश के समीकरण पर हैं. लिहाजा कुशवाह नेताओं को अपने पाले में करने के लगातार प्रयास जारी हैं. पार्टी ने पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर उमेश कुशवाह को बैठाया फिर कुशवाह समाज के बड़े नेता उपेन्द्र कुश्वाह अपनी पूरी पार्टी के साथ जेडीयू में शामिल हो गए.

भगवान सिंह कुशवाह पर नीतीश की नजर

उपेन्द्र कुशवाह को पार्टी में शामिल करने के बाद अब उनकी नजर एक और कुशवाह नेता पर है. नीतीश कुमार की नजर अब भगवान सिंह कुशवाह पर है, जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बीते विधानसभा चुनाव के वक्त जेडीयू छोड़ दिया था. जानकारी के मुताबिक होली के मौके पर जेडीयू के पूर्व नेता और नीतीश कुमार के करीबी रहने वाले भगवान सिंह कुशवाह जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वस्ष्ठि नारायण सिंह के घर पहुंचे. उनके वस्ष्ठि नारायण सिंह से मिलने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं की वो जल्द ही घर वापसी कर सकते हैं.

भगवान सिंह कुशवाह होंगे जेडीयू में शामिल

नारायण सिंह ने उनकी पार्टी में जाने को लेकर अभी किसी भी प्रकार की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि भगवान सिंह कुशवाह की मुलाकात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी हो चुकी है. यदि सबकुछ ठीक रहा तो भगवान सिंह कुशवाह जल्दी ही जेडीयू के पाले में दिखाई दे सकते हैं. जिसके बाद जेडीयू की ताकत बढ़ेगी, जिसकी उसे वर्तमान में जरूरत भी है, क्योंकि जेडीयू के तीर को ताकत नहीं मिली तो नीतीश के सिर से सीएम का ताज भी छीन सकता है.


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