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हार के बाद भी चिराग की बड़ी मुसीबत

बिहार विधानसभा चुनाव में बड़े बड़े दावे करने वाले लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान ने चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही चुप्पी साध रखी है. पहले जहां खुलकर बोल रहे थे, नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साध रहे थे. अब संभलकर बोल रहे है. चिराग पासवान की हालत ऐसी है की एनडीए से तो भाव नहीं मिल रहा है लेकिन अब परिवार भी नसीहत देने लगा है.

लोक जनशक्ति पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरी थी सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज चिराग पासवान ने अलग चुनाव लड़ा. लेकिन नतीजों ने हताश कर दिया. गौर करने वाली बात यह है की चिराग ने चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान भी जेडीयू से अलग होने का ऐलान किया. लेकिन एनडीए के साथ रहने का दावा करते रहे. यहां तक की तो चिराग ने बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के सपने भी देखे, लेकिन अब चिराग पासवान ने नतीजों के बाद से ही चुप्पी साध रखी है. अब खुलकर नहीं संभलकर और बचकर बोल रहे है. हालात ऐसी हो गई है की अब उन्हें अपने ही नसीहत देने लगे है.

नीतीश कुमार के नेतृत्व में जब एनडीए की नई सरकार बनी तो, चिराग ने अपने तरीके से बधाई भी दी. लेकिन कोई भाव नहीं मिला. अब तो चिराग पासवान को परिवार की आलोचानों का भी सामना करना पड़ रहा है. चिराग के जीजा और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार साधु ने चिराग को नकली हनुमान बताया और कहा की बाल हट में उन्होंने अपना ही घर बर्वाद कर दिया. राम विलास जी ने मेहनत से एलजेपी को खड़ा किया, लेकिन उनके जाते ही सब चैपट हो गया. आपकों बता दे की 135 सीटों पर लड़कर एलजेपी शून्य पर खड़ी है. इसी को लेकर साधु ने कहा की एलजेपी का एक उम्मीदवार जीता भी है तो, वो अपने दम पर जीता है. उसकी जीत में चिराग का कोई योगदान नहीं है. यानी अब ना तो एनडीसे भाव मिल रहा है और परिवार भी सवाल उठा रहा है.


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