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एक्शन में नीतीश कुमार, अबतक लिया 6 मंत्रियों का इस्तीफा

एक टीवी ऐड में आपने जरूर देखा होगा. जिसमें सुना होगा की दाग अच्छे है. लेकिन नीतीश कुमार के लिए बिहार के मुखिया के लिए दाग अच्छे नहीं है. नीतीश कुमार दाग को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते है. यही वजह है की अबतक नीतीश कुमार ने अपने सात कार्यकाल में मंत्रियों से उन्होंने सीधा इस्तीफा ले लिया. जैसे उन्हें पता चला की उनके मंत्री दागदार है, उन्होंने तुरंत ही इस्तीफे की पेशकश कर दी.

हम बात कर रहे रामानंद प्रसाद, मंजू वर्मा, जीतनराम मांझी, मेवालाल चौधरी की. नीतीश कुमार ने कभी भ्रष्टाचार के साथ समझौता नहीं किया. इस बार भी भ्रष्टाचार को लेकर मुद्दा बनाया गया, लेकिन नीतीश कुमार के सामने जैसे ही यह चुनौती आई, उन्होंने फिर से यह साबित कर दिया की बिहार सरकार भ्रष्टाचार के साथ कोई भी समझौता करने के लिए तैयार नहीं है. नीतीश कुमार अभी भी अपनी नीतीयों पर कायम है.

भ्रष्टाचार के आरोपों से घीरे मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा. तो आरजेडी ने इसे दबाव का नतीजा बताया. एक हद तक इस बात को सही माना जा रहा है. यह मामला इसलिए सुर्खियों में आया क्योंकि तेजस्वी यादव ने लगातार इसको लेकर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला. हालांकी आरजेडी सासंद मनोज झा ने इसका क्रेडिट बीजेपी को देने की कोशिश भी की. मनोज झा ने कहा की एक भ्रष्ट मंत्री को निर्णय बीजेपी ने लिया यह दुख की बात है.

यही नहीं हमारे सामने कई उदहारण है. जब विभिन्न आरोपों की वजह से उनके मंत्रीमंडल में शामिल आधा दर्जन मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा. अपनी पहली सरकार में ही उन्होंने मंत्री बनाने के 24 घंटे के अंदर जीतनराम मांझी का इस्तीफा लिया. फिर रामानंद सिंह को पद छोड़ना पड़ा. 19 मई 2011 को कोर्ट द्वारा फरार घोषित होने के बाद सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह ने भी इस्तीफा दिया. अक्टूबर 2015 में एक स्टिंग आप्रेशन में 4 लाख रूपये की घूस लेकर पकड़ाए अवधीश कुशवाह ने भी इस्तीफा दिया था. 2018 में तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की ससुराल से सीबीआई द्वारा कारतूस बरामद होने पर उनसे इस्तीफा ले लिया गया. इसी कड़ी में महज तीन दिन के मंत्री मेवालाल चौधरी का नाम भी अब जुड गया है. हालांकी मेवालाल चौधरी ने कहा है की उन्होंने ऐसा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि को बचाने के लिए किया है. शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद ही इस्तीफा देने वाले मेवालाल चौधरी ने कहा की सच्चे सिपाही होने के नाते नीतीश कुमार की छवि पर कोई आंच ना आए इसलिए मेने खुद इस्तीफा दिया है. मेवालाल ने कहा की वो जबतक पाक साफ नही हो जाते वो पद नहीं लेंगे. 

आपकों बता दें की बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपुति पद पर रहते समय मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उनपर FIR भी दर्ज हुई थी. इसके बाद जनता दल यूनाईटेड से निलंबित भी कर दिया गया था. यही वजह है की विपक्ष लगातार नीतीश कुमार को टारगेट पर ले रही है और निशाने साध रही है. नीतीश कुमार ने मेवालाल चौधरी से इस्तीफा लेकर यह साबित कर दिया की बिहार सरकार भ्रष्टाचार के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी उनके लिए ये दाग अच्छे नहीं है.


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