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Corona काल में कुंआरों पर कयामत

कोरोना काल में बहुतों ने अलग-अलग किस्म की परेशानियां झेलीं. किसी ने रोजगार खोया, किसी ने अपनों को तो बहुतों ने सपनों को भी खोया. सपनों की बात करें तो कोरोना काल में कुंआरों की आफत हो गई है. कोरोना का लॉकडाउन कुंआरों पर कयामत की तरह टूट रहा है. दरअसल पिछले साल अप्रत्याशित लॉकडाउन के चलते लोगों को शादी टालनी पड़ी. कुंआरों ने सब्र किया कि कभी तो सात फेरे होंगे. नंवबर और दिसंबर में शादी को लेकर कुछ राहत मिली. लोगों ने सात फेरे ले लिए, लेकिन कुछ उस समय जोड़ी बनने के इंतजार में थे, तो कुछ ने सोचा शादी तो एक बार होती है, धमूधाम से करेंगे. इसलिए सोचा क्यों न 2021 की गर्मियों में की जाए, लेकिन फिर से कोरोना का कहर 2020 से कही ज्यादा और लॉकडाउन की वापस शुरूआत.

अब तो हालात ये हैं कि भोपाल और इंदौर के कलेक्टरों ने अब सात फेरों को लेकर जबरदर्सत सख्ती बरत ली है. इंदौर में बढ़ते कोरोना को देखते हुए शादियों की अनुमति नहीं दी जा रही है. पहले इंदौर कलेक्टर ने 50 लोगों की शादी में अनुमति दी थी, लेकिन अब शादी ही नहीं कर सकते हैं तो वहीं भोपाल में भी कलेक्टर ने शादी की परमिशन देने से साफ इंकार कर दिया है. भोपाल कलेक्टर का कहना है कि कोई भी शादी की परमिशन मांगने ना आए. 30 अप्रैल तक शादियों की अनुमति नहीं होगी और ये आदेश बढ़ाया भी जा सकता है.

अब कहते हैं कि कोविड में लगभग सभी जगह एक जैसे निमय चल रहे हैं. कल इंदौर आज भोपाल और कल तक उज्जैन, जबलपुर और बाकी जिलों के कलेक्टर भी इसी तरह का फैसला ले लेंगे. तो ऐसे में अब क्या होगा. कुंआरो को ना खुदा ही मिला ना विलासे समन, न इधर के रहे न उधर के. खैर हमारी कुंआरो को सलाह है कि जोड़ीदार और सात फेरे की तारीख सब ऊपर से ही तय होती है. इसलिए थोड़ा और इंतजार कोरोना के बाद जल्द होगा आपका जीवन गुलजार.


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