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अब आएगा सुशांत की मौत का सच सामने

बाॅलीवुड के मशहूर अभिनेता सुशांत की सिंह की मौत को करीब 6 महीने हो गए है. यानी 175 दिन गुजर चुके है और सीबीआई को भी अपनी जांच किए हुए 4 महीने से अधिक हो गए है, लेकिन सुशांत की मौत का मामला अबतक नहीं सुलझा है. सीबीआई की जांच कहा तक पहुंची है, किस नतीजे तक पहुंची है या फिर सीबीआई जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, इसकों लेकर उनकी तरफ से अबतक कोई भी जानकारी नहीं दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

सुशांत सिंह के करोड़ों फैंस पिछले 6 महीनों से इस इंतजार में की कब उन्हें ये पता चलेगा की आखिरी लम्हों में उनके स्टार सुशांत सिंह राजपूत के साथ आखिर हुआ क्या था. इसी मसले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने भी एक जनहित याचिका दायर की गई है. इस याचिका में मांग की गई है की सीबीआई को निर्देश दिया जाए की वो सुप्रीम कोर्ट केस में किस की लेटेस्ट रिपोर्ट दाखिल करें. पुनित कौर ढंडा की याचिका में कहा गया है की 4 महीने के बाद भी सीबीआई जांच में कुछ सामने नहीं आया है, इसलिए देश की सर्वोच्चय अदालत सीबीआई से मामले की पूरी जानकारी दाखिल करने को कहे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी करें की सीबीआई दो महीने के अंदर जांच पूरी करे, इसके बाद ट्रायल कोर्ट में फायनल रिपोर्ट दाखिल करें और इसकी एक कापी सुप्रीम कोर्ट में भी दे.

सीबीआई ने साधी चुप्पी

दरअसल, इस मामले से जुड़े हर एक शख्स को ऐसा लग रहा है की अब तो जांच पड़ताल की रफ्तार पर ब्रेक सा लग गया है. ना टीवी चैनलों पर सुशांत की मौत पर डीबेट होता है, ना कहीं कोई खबर देखी जा रही है. ऐसा लगने लगा है की सबने शायद इस केस को अब भुला दिया है. सीबीआई के अलावा एनसीबी और इडी की जांच पर सवाल उठने लगे है की सुशांत के खाते में इटली में जो 17 करोड़ रूपये ट्रांस्फर होने की बात इडी की जांच में सामने आई थी, उसपर जो लेटर इटली की सरकार को लिखा था, उसका क्या हुआ. उस मामले में जांच पड़ताल कहां तक पहुंची और रही बात एनसीबी की तो उनकी जांच सुशांत के मामले से जांच शुरू तो जरूर हुई थी. लेकिन अब सुशांत के मामले को छोड़कर अन्य दिशाओं में ये जांच आगे बढ़ रही है. अब एनसीबी जिन-जिन लोगों को गिरफ्तार कर रही है, क्या उन लोगों की गिरफ्तारी और फिर दो दिनों बाद जमानत सुशांत की मौत से लेना देना है. ये सवाल लोग अब पूछने लगे है.

सोशल मीडिया पर जंग जारी

रिया चक्रवर्ती जमानत पर बाहर आ चुकी है, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को तीन महीने बाद जमानत मिल गई है. ताजुब तो इस बात का है की जिस चैनल ने सुशांत के मामले को जिस तरीके से उठाया था, आज उस चैनल को महाराष्ट्र सरकार ने इतने कानूनी पचड़ों में उलझा दिया है की वो सुशांत की खबर देने की वजह अपने चीफ की खबरे दे रहा है. लेकिन सोशल मीडिया एक मात्र प्लेटफार्म ऐसा है, जहां सुशांत सिंह को न्याय दिलाने की जंग हर रोज लड़ी जा रही है. ट्वीटर पर हर रोज सुशांत की मुहिम ट्रेंड करती है. पर सवाल उठता है की सीबीआई को जिस हाल में सुशांत का मामला मिला था, क्या तबतक सारे सबूत नष्ट हो चुके थे, तो क्या मुंबई पुलिस ने जो जांच के नाम पर रायता फैलाया था, तो क्या सीबीआई उसकी जांच किसी सतह तक नहीं पहुंच पा रही है.

सुशांत की मौत से जुड़े कुछ ऐसे सवाल है जो अभी तक नहीं मिल पाए है, सबसे पहली बात की सुशांत की मौत के बाद उनके घर को सील क्यों नहीं किया गया था, ना घटना के वक्त मौजूद लोगों को हिरासत में लिया गया, क्राइम सीन की वीडियोग्राफी की गई, इतना ही नहीं पुलिस की मौजूदगी में सुशांत के घर में मीडियाकर्मी सहित अन्य लोग आते जाते रहे. मुंबई पुलिस ने इन सब पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई, फारेंसिक टीम ने क्राइम सीन पर क्यो नहीं गई. सुशांत सिंह तो एक मशहूर एक्टर थे, जब एक आम नागरिक की संदिग्ध हालत में मौत हो जाती है, तब भी क्या मुंबई पुलिस क्राइम सीन पर जाकर इसी तरह से जांच पड़ताल करती है. या फिर सुशांत के मामले में कुछ खास बजाहों से ड्रामा किया गया. सुशांत सिंह का शव किस हालत में मिला था, यह भी अबतक नहीं बताया गया. सबसे अहम बात यह है की सुशांत सिंह की पोस्टमार्टम रिर्पोट पर उनके परिजनों के दस्तख्त क्यों नहीं थे. सुशांत सिंह के पोस्टमार्टम की वीडियोंग्राफी में रोशनी इतनी कम थी की, कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था और तो और तस्वीरें भी ठीक से नहीं ली गई. लेकिन इन सबके बीच सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह सीन से पूरी तरह से गायब है. ऐसे में सवाल उठने लगा है की सुशांत सिंह के मौत की गुत्थी सुलझेंगी या आरूषी हत्याकांड की तरह ही यह मामला भी कहीं एक धूल से सनी फाइल की तरह बनकर रह जाएगा. सुशांत की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की कम से कम इस सवाल का जबाव दुनिया के सामने आना चाहिए.


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