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पत्रकार ने CRPF जवान को नक्सलियों के चुंगल से ऐसे कराया आजाद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में CRPF और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए थे और माओवादियों ने एक जवान को अगवा कर लिया था. करीब 5-6 दिन माओवादियों के इलाके में रहने के बाद कल यानि गुरुवार को जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को एक जनअदालत लगाकर रिहा कर दिया गया है. बता दें जवान की रिहाई बिना किसी शर्त के हुई है.

जानकारी के मुताबिक माओवादियों ने एक प्रेस नोट जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार की तरफ से एक डेलिगेशन बात करने आएगा उसके बाद उनकी बातों को मानकर जवान को रिहा कर दिया जाएगा.

जिसके बाद सरकार की तरफ से मध्यस्थता करने के लिए एक टीम पहुंची थी. इस टीम में नेता, कुछ स्थानीय लोग और पत्रकार शामिल थे. जोनागुड़ा के जंगल में नक्सलियों ने जनअदालत लगाई जहां करीब 20 गांव के ग्रामीण इकट्ठा हुए थे. उसके बाद बिना किसी शर्त के माओवादियों ने जवान राकेश्वर सिंह को मध्यस्थता करने गई टीम को सौंप दिया गया.

इसके बाद जवान राकेश्वर सिंह पत्रकारों के साथ उनकी बाइक पर बैठकर घर पहुंचे. बता दें बिजापुर की घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री घटनास्थल पहुंचे थे. जहां उन्होंने घायल जवानों से बात की थी और राकेश्वर सिंह के परिवार से भी मिले थे. वहीं जानकारी मिली है कि राकेश सिंह के वापस आने के बाद अमित शाह ने उनसे बात की है.

 


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