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कोरोना काल में बदला जेल में बहनों से मिलने का अंदाज. ऐसे होगी बात

रायपुर. छत्तीसगढ़ में इस बार जेल के कैदियों की कलाइयां सूनी रह जाएंगी. कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते इस बार जेल में बहनों को राखी बांधने देने की छूट नहीं मिली है. लेकिन छ्त्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जेल में ऐसे इंतजाम किए हैं कि कम से कम भाई बहनों की बात आपस में हो सके.

प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए रक्षाबंधन के मौके पर जेल में बंद कैदियों को उनकी बहनों से वीडियो कॉलिंग एवं फोन पर बात करने की छूट देने के निर्देश दिए हैं. जेल मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बहनों और भाइयों के प्रेम को समझते हुए इसकी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेल को निर्देशित किया है. साहू ने कहा है कि जेलों में वीडियो कालिंग एवं फोन के माध्यम से बंदियों को उनकी बहनों से बात कराने की व्यवस्था की जाए ताकि बहनें अपने भाइयों से रक्षाबंधन के दिन बात कर सकें. श्री साहू ने यह भी कहा है कि यदि जेल प्रबंधन के पास पोस्टल डाक के द्वारा भेजी गई राखियां प्राप्त होती हैं तो उसे जेल के अंदर पहुंचा दिया जाए. श्री साहू ने कहा कि भाई बहन के इस त्यौहार से लोगों की जो भावना जुड़ी है उसका सम्मान करते हैं, लेकिन जेलों में नहीं मिलने देने का फैसला भी जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.


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