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पंजाब, राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ Congress में भारी कलह

पंजाब, राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ Congress में भारी कलह

कांग्रेस शासित एक और राज्य में अब कांग्रेस की कलह निकलकर सामने आई है. पंजाब और राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ में कांग्रेस में बवाल मच रहा है. छत्तसीगढ़ में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिहदेव पर विधायक बृहसपति सिंह ने जानलेवा हमले का आरोप लगाया. इसी आरोप को लेकर बीजेपी सदन में सरकार को लगातार घेर रही थी जिस पर से नाराज होकर मंत्री सिहदेव ने कहा कि सरकार मामले की जांच कराए तब तक वो सदन में नही आऐंगे. उसके बाद शोर शराबे के बीच सदन की कारवाई को स्थगित कर दिया गया.

छत्तीसगढ कांग्रेस में दो गुट

अंदरखाने की खबर ये है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दो गुट है. जिसमें एक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का तो वही दूसरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री टी एस सिहदेव का. खबरें ये भी है कि जब सरकार बनी थी, तब सिहदेव और भूपेश बघेल के बीच ढ़ाई-ढ़ाई साल के मुख्यमंत्री का करार नामा हुआ था. अब छत्तीगढ में ढ़ाई साल बीतने के बाद राजनैतिक गलियारों में वापस यही बात होने लगी कि क्या ढ़ाई साल बाद मुख्यमंत्री का चेहरा बदलेगा. सियासी हलकों में खबर है कि यही वजह है कि भपेश बघेल गुट अब टी एस सिहदेव की छवि को खराब करने में कोई कसर नही छोड़ रहा. जिससे ढाई साल तक मुख्यमंत्री के चेहरे को बदलने की बात न हो.

टीएस के बचाव में बीजेपी के बडे नेता 

वही इस पूरे मामले के बाद बीजेपी के नेता सिहदेव के पक्ष में आ गए है. पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिह ने भूपेश बघेल के दामाद के कॉलेज को लेकर ट्वीट किया. फिर क्या पीयूष गोयल और सिंधिया भी मैदान में कूद पडे और बघेल पर निशाना साधा.

रमन सिंह ने लिखा कि भूपेश वघेल अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के लिए विधेयक ला रहे हैं. 2017 में जिस कॉलेज की मान्यता खत्म हो गई, उसे 125 करोड़ सरकारी खजाने से लेकर मुख्यमंत्री के परिवार को देने की तैयारी चल रही है.

वही केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  लिखा है कि भूपेश बघेल अपने दामाद का निजी महाविद्यालय बचाने के लिए उसे सरकारी कोष से खरीदने की कोशिश में हैं. प्रदेश की राशि का उपयोग अपने दामाद के लिए,वो भी एक ऐसा मेडिकल कॉलेज जिस पर धोखाधड़ी के आरोप मडिकल कौंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा लगाए गए थे. कौन बिकाऊ है और कौन टिकाऊ, इसकी परिभाषा अब साफ है!


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