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नक्सलियों के गढ़ बीजापुर-सुकमा के लिए रवाना हुए Amit Shah

छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा की सीमा के पास बीते रविवार को हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 31 जवान घायल हो गए थे. पिछले 13 साल बाद छत्तीसगढ़ में इतना बड़ा नक्सली हमला हुआ है. नक्सली हमले को लेकर आज केन्द्री गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गए है. खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि शाह उसी जगह जाएंगे, जहां पर नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था. गृह मंत्री अमित शाह बीजापुर-सुकमा सीमा पर घायल जवानों मुलाकात करेंगे और हमले की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेंगे.

जवानों के शवों को ट्रैक्टरों में भरकर ले गए नक्सली

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में यह हमला करीब 13 सालों बाद सबसे बड़ा नक्सली हमला हुआ था हमले में सुरक्षाबलों के 22 जवान शहीद हो गए थे नक्सलियों ने बीजापुर के तर्रेम इलाके की पहाड़ियों में करीब 700 जवानों को घेर लिया था. सूत्रों का कहना है कि नक्सली जवानों के शवों को ट्रैक्टरों में भरकर ले गए है. हालांकि नक्सली और जवानों की मुठभेड़ में 15 नक्सली मारे जा चुके है. 

नक्सली हमले का मास्टरमाइंड हिडमा

बीजापुर नक्सील ( Bijapur Naxal Attack) हमले में 25 लाख इनामी नक्सल कमांडर माड़वी हिडमा (Naxalite Madvi hidma) का हाथ बताया जा रहा है. बीजापुर और सुकमा की नक्सली गतिविधियों पर हिडमा (Naxalite Madvi hidma) का ही नियंत्रण रहता है. नक्सली कमांडर हिडमा का असली नाम संतोष उर्फ इंदमुल उर्फ पोडियाम भीमा है. माओवादी संगठनों से नाता रखने वाला हिडमा (Naxalite Madvi hidma) कद काठी में छोटा दिखता है. हिडमा का जन्म सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में हुआ था. पुवर्ती गांव में आज भी पहुंच पाना असंभव माना जाता है, क्योंकि यह गांव पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसा हुआ है. इतना ही नहीं गांव पर नक्सलियों का बोलबाला है, जिसके चलते गांव में करीब 20 सालों से स्कूल भी नहीं लगा है. 

कई नक्सली हमलों का आरोपी है हिडमा

बताया जा रहा है कि हिडमा (Naxalite Madvi hidma) की उम्र करीब 40 साल के लगभग है. हिडमा मात्र दसवीं पास है, लेकिन वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल लेता है. मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार हिडमा (Naxalite Madvi hidma) जब भी कही जाता है, साथ में एक नोटबुक लेकर जाता है. वह अपने नोट्स तैयार करता है. कहा जाता है की हिडमा (Naxalite Madvi hidma) की पहचान उसके बांए हाथ की एक अंगुली नहीं होना है. हिडमा (Naxalite Madvi hidma) पहले भी कई बड़े नक्सील हमलों को अंजाम दे चुका है. साल 2010 में ताड़मेटला में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएम के 76 जवान शहीद हो गए थे और इस हलमे में हिडमा (Naxalite Madvi hidma) का ही हाथ था. साल 2013 के जीरम हमले का आरोपी भी हिडमा (Naxalite Madvi hidma) ही था, जीरम हमले में कई दिग्ग्ज कांग्रेसी नेताओं सहित 31 लोगों की मौत हो गई थी. साल 2017 में बुरकापाल में हुए नक्सली हमले में 25 जवान शहीद हो गए थे.


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