जीवन में अपनाएं गुरु गोबिंद सिंह के यह दस उपदेश, होगी तरक्की

धर्म : सिख धर्म के लोगों के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्यूंकि इस धर्म में 20 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह की जयंती मनाई जाती है. गुरु गोबिंद  सिंह सिख धर्म के 10वें और अंतिम गुरु  माने जाते हैं. इस दिन को गुरु गोबिंद सिंह जयंती के साथ ही प्रकाश पर्व और गुरु पर्व के नाम से भी मनाया जाता है. इस दिन गुरुद्वारों में ख़ास लंगर का आयोजन भी किया जाता है. आज गुरु गोबिंद सिंह जयंती के अवसर पर हम आपको गुरु गोबिंद के वो दस उपदेश बताने जा रहे हैं, जिन्हे अपना कर निश्चित ही आपको सफलता प्राप्त होगी. 

गुरु गोबिंद के दस महत्वपूर्ण उपदेश 

 किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना- इसका अर्थ है की जीवन में इंसान को किसी की निंदा या चुगली नहीं करनी चाहिए. किसी से ईर्ष्या न रखते हुए मेहनत करते रहे. 

धन, जवानी, तै कुल जात दा अभिमान नै करना- गोबिंद जी के इस उपदेश का अर्थ है, की किसी भी व्यक्ति को पैसा, जवानी और अपने कुल या जाती पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए.

दुश्मन नाल साम, दाम, भेद, आदिक उपाय वर्तने अते उपरांत युद्ध करना- इस उपदेश का मतलब है कि, दुशमन से लड़ने से पहले साम, दाम, दंड और भेद का सहारा लें और बाद में ही युद्ध में पड़े. सही रणनीति अपना कर युद्ध में जीत हासिल आसानी से की जा सकती है. 

परदेसी, लोरवान, दुखी, अपंग, मानुख दि यथाशक्त सेवा करनी- इस उपदेश से अर्थ है कि, किसी भी परदेसी, दुखी इंसान, विकलांग या जरूरतमंद की सहायता जरूर करें. इससे मानसिक शांति मिलती है. 

चुगली कर किसे दा कम नी विगारना - इस उपदेश का मतलब है कि, कभी किसी की चुगली कर उसका काम नहीं बिगाड़ना चाहिए. 

दसवंड देना- इंसान को अपनी कमाई का 10वां हिंसा दान में देना चाहिए, ताकि ज़रूरतमंदो के काम आ सके. 

गुरु ग्रंथ साहिब जी नू गुरु मानना- इस उपदेश का अर्थ है कि, श्री गुरु गोबिंद जी पर विशवास रखो और उन्हें आत्मज्ञान के मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार करो. 

पुत्री दा धन बिख जाना- इस उपदेश से अर्थ है कि, एक बेटी को संपत्ति समझना गलत है, यह विचार करना भी जहर के बराबर होता है. 

काम करन विच दरीदार नहीं करना- इस उपदेश का मतलबा है कि, काम करने में कोई कमी ना छोड़ें और खूब मेहनत करें.

स्त्री दा मुंह नहीं फिटकारना - अपनी स्त्री यानी पत्नी को कभी भी गलत शब्द नहीं कहने चाहिए. 

कहा जाता है कि, जो व्यक्ति अपने जीवन में गुरु गोबिंद साहब के इन उपदेशों को अपना लेता है, उन्हें अपने जीवन में सफलता ज़रूर हासिल होती है. गुरु गोबिंद सिंह जयंती के मौके पर लोग गुरुद्वारे में प्रार्थना करते हैं, दीया जलाते हैं, मोमबत्तियां लगाते हैं और अपने घरों को सजाते हैं. 

 


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