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जानिए इस बार कैसा होगा सावन का पावन महीना

हिन्दू धर्म में काफी अहम माने जाने वाले सावन के महीने का महत्त्व काफी ज़्यादा है. भगवान शिव के भक्त साल भर इस पावन महीने के शुरू होने का इंतज़ार करते हैं. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पांचवा महीना यानी की श्रवण मास इस बार 6 जुलाई से शुरू होने वाला है. सावन के इस महीने में श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान शिव की आरधना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं भगवान शिव से कहते हैं. ऐसा माना भी जाता है की इस महीने में व्रत करके भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान शिव ज़रूर पूरी करते हैं.

ज्योतिशाचर्यों के अनुसार इस बार श्रवण मास में 25 से ज़्यादा शुभ योग बन रहे हैं. इस बार सावन महीने का पहला और आखिरी दिन सोमवार ही होगा. साथ ही इस बार 5 सोमवार का शुभ संयोग बनने से ये महीना और भी ज़्यादा ख़ास होगा. हिन्दू धर्म के ग्रंथों के अनुसार श्रावण मास बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है. ऐसी मान्यताएं हैं की इस महीने में व्रत रखने वाले लोगों के सभी कष्ट दूर होते हैं. साथ ही भगवान शिव की कृपा भी अपने श्रद्धालुओं पर सदा ही बानी रहती है.हिन्दू धर्म में ऐसा माना जाता है की श्रावण माह में हर सोमवार को भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से हर तरह की परेशानियां खत्म हो जाती हैं. वहीं व्रत करने से रोग और बीमारियां भी दूर रहती हैं.

इस तरह करें भगवान शिव की आरधना 

  • श्रवण मास में प्रति सोमवार सुबह जल्दी उठे, फिर स्नान करने वाले पानी में दो बूंद गंगाजल की मिला लें, अब इस पानी से स्नान करके साफ़ कपड़े पहने. 
  • अब भगवान की पूजा शुरू करने से पहले पूजा की थाली में रोली, चावल, धूप, सफ़ेद चंदन, सफ़ेद जनेऊ, कलावा, पीला फल, कोई भी सफ़ेद मिठाई, गंगाजल और पंचामृत रखें. 
  • अगर आपके घर के पास कोई शिव मंदिर हो तो आप नंगे पैर वहां तक जाएं, और विधि विधान से भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा अर्चना करें. अगर मंदिर न हो आसपास तो घर पर ही पुरे विधि विधान से पूजा करें. 
  • भवान शिव के आगे शुद्ध घी का दीपक लगाएं, साथ ही धूपबत्ती जलाएं.
  • अब शिवलिंग का दूध दही से अभिषेक करें, भगवान शिव को बैलपत्र और धतूरा चढ़ाएं.
  • अब आसन बिछाकर शिव चालीसा का पाठ करें और शिवाष्टक भी पढ़ें. 
  • पूजा करने के बाद भगवान शिव से सच्चे मन से अपनी मनोकामना कहें. 

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