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कल घर-घर विराजेंगे बप्पा, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

धर्म : हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले विघनहर्ता गणेश जी कि पूजा अर्चना की जाती है. भगवान गणेश सर्वप्रथम पूजनीय हैं. ऐसा कहा जाता है की भगवान गणेश की पूजा किये बिना अगर कोई शुभ काम शुरू किया जाता है, तो उसका फल प्राप्त नहीं हो पाता है. विघनहर्ता गणेश भगवान कल से पुरे 11 दिन के लिए आ रहे हैं. 

क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है की क्रोध में आकर भगवान शंकर ने गणेश जी की गर्दन धड़ से अलग कर दी थी और इस बात पर माता पार्वती बहुत क्रोधित हुई थी. गणेश जी के साथ ऐसा करने का पछतावा भोलेनाथ को भी हुआ. जिसके बाद उन्होंने गंगी को आदेश दिया की जिस भी जीव की मां अपने बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही हो तो उसकी गर्दन ले आना. भगवान के आदेश पर गंगी निकले और उन्हें एक हथनी दिखी जो बच्चे की तरफ पीठ करके सो रही थी. गंगी जी उस बच्चे की गर्दन ले आए. फिर भगवान शिव ने उस गर्दन को गणेश जी के धड़ से जोड़कर उन्हें फिर से जीवित कर दिया. उस दिन भगवान गणेश का गजानन के रूप में पुनः जन्म हुआ था. इसी दिन से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है.

जानिए बप्पा की मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त 

वैसे तो इस बार चतुर्थी का मुहूर्त 21 अगस्त को रात 11:02 मिनिट से आरम्भ हो कर 22 अगस्त की रात 7:56  बजे समाप्त होगा. लेकिन भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना और पूजा का मुहूर्त 22 अगस्त को सुबह 10:50 मिनिट से शुरू हो कर दिन में 2:05 तक रहने वाला है. इस दौरान आप भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा अपने घर में स्थापित करें और मन से पूजा अर्चना करें. विघ्नहर्ता अपने साथ आपके सारे दुःख ले जाएंगे. 

शुभ मुहूर्त में यूं पूजा विधि 

सबसे पहले जब आप मूर्ति घर लाएं तो भगवान का मुंह ढक कर रखें. अब  मंदिर में चौक पूर्ण ले उसके ऊपर एक पटा रख कर लाल कपड़ा बिछाएं. इसके बाद भगवान गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें और फिर उनके मुंह से कपड़ा हटा दें. अब फूल माला पहना कर दूबा चढ़ाएं. घी का दीपक लगाएं और धूप दिखाएं. साथ ही ओम गं गणपतेय नमः का 21 बार जाप करें.  

 


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