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Krishna Janmashtami 2021 : जन्माष्टमी पूजा,विधि शुभ मुहूर्त

Krishna Janmashtami 2021 : जन्माष्टमी पूजा,विधि शुभ मुहूर्त

भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव हर वर्ष जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है. जन्माष्टमी के मौके पर लोग भगवन श्री कृष्णा की पूजा-अर्चना करते है, साथ ही उन्हें कई सारी चीजों का भोग लगाते है. जन्माष्टमी का त्यौहार भारत में जोरो शोरो से मनाया जाता है. इस दिन हर जगह सजावट होती है, हर मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और भगवान कृष्णा के जन्म का इंतज़ार किया जाता है. जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण के लिए पालकी और झूला भी बनाया जाता है. लोग भगवान को माखन, लड्डू और कई सारी चीज़े प्रसाद के तौर पर चढ़ाकर उनको खुश करते है और मंन्नत मांगते है.

भगवान कृष्णा को नारायण का रूप माना जाता है. भगवान कृष्ण की पूरी दुनिया में पूजा की जाती है और लोगों का भगवान कृष्ण के प्रति विश्वास और प्रेम है. भारत के वृन्दावन और मथुरा में भी इस दिन जन्माष्टमी जोरो से मनाई जाती है. मथुरा शहर को फूलों से सजाया जाता है और भगवान के दर्शन करने के लिए कई लोग मथुरा आते है. पूरी दुनिया भर के लोग भगवान कृष्णा की भक्ति करते है और भगवान के दर्शन के लिए मथुरा वृन्दावन पहुंचते है. जन्माष्टमी पर हरकोई अपनी तरह से भगवान की पूजा करता है और उनसे मन्नत मांगता है. अगर आप अपनी राशि के हिसाब से कुछ विधियां करते है तो आपको उसका लाभ जरूर मिलता है. 

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचाग के अनुसार इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का आरंभ रविवार की रात को 11 बजकर 25 पर होगा. जो सोमवार को रात 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. जिसके चलते कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 30 अगस्त को रखा जाएगा.

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक चौकी ले, उसपर लाल या पीला कपड़ा बिछाए. इसके बाद कन्हैया जी की मूर्ति को एक पात्र पर विराजित करें. इसके बाद दीपक और धूपबत्ति जलाए और पंचामृत से कन्हैया का का अभिषेक करे. इसके बाद कन्हैया जी को वस्त्र पहनाए और उनका श्रृंगार करे, श्रृंगार करने के बाद माखन मिश्री और तुलसी के पत्ते अर्पण करें.


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