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इस तरह करें मां कूष्मांडा को प्रसन्न, हर परेशानी से मिलेगी मुक्ति

धर्म डेस्क : हिन्दू धर्म में सबसे अहम माने जाने वाले शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से आरम्भ हो चुके हैं. नवरात्रों में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना करके मां को प्रसन्न किया जाता है. नवरात्र का आज चौथा दिन है और आज के दिन मां दुर्गा के रूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है. हम आपको बताते हैं कि, मां कूष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए किस तरह से पूजा की जाती है और मां कूष्मांडा की पूजा करने का क्या महत्व है. 

बताया जाता है कि, मां कूष्मांडा की हलकी हंसी से ब्रह्मांड उत्पन्न हुआ था, इस वजह से इनका नाम कूष्मांडा पड़ा. मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं होती हैं, जिसके कारण इन्हे अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता है. मां कूष्मांडा को हरा रंग पसंद होता है, इसलिए आज की पूजा में हरे रंग का ज़्यादा महत्व होता है. 

यह है मां कूष्मांडा की पूजन विधि 

नवरात्र के चौथे दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान करके हरे रंग के वस्त्र धारण करें और मां कूष्मांडा की पूजन करें. पूजन में मां को हरी इलाइची, सौंफ आदि अर्पित करें. इसके बाद के सामने घी का दीपक जाएं और फिर ॐ कूष्मांडा देव्यै नमः का 108 बार जाप करें. इस तरह से पूजा करने से मां कूष्मांडा आपके हर दुख को दूर करेंगी. 

 


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