liveindia.news

इस तरह करें मां शैलपुत्री की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना

धर्म डेस्क : हिन्दू धर्म में सबसे अहम माने जाने वाले शारदीय नवरात्र आज (17 अक्टूबर) से आरम्भ हो रहे हैं. नवरात्रों में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना करके मां को प्रसन्न किया जाता है. नवरात्र का आज पहला दिन है और आज के दिन मां दुर्गा के रूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. हम आपको बताते हैं कि, मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए किस तरह से पूजा अर्चना करना होगी. 

इस तरह करें मां शैलपुत्री की पूजा 

पहले दिन दैनिक कार्यों से सम्पन्न होने के बाद मंदिर में एक लकड़ी के पटरे पर लाल कपड़ा बिछा दें. उसके बाद इस पटरे पर मां शैलपुत्री की तस्वीर रखें, इसके बाद मां की तस्वीर को रोली चावल चढ़ाकर लाल चुनार चढ़ाएं. मां शैलपुत्री को सफ़ेद चीज़ें काफी प्रिय होती हैं, इसलिए मां को सफ़ेद फॉल अर्पित करें. आप चाहें तो भोग में भी मां को सफ़ेद बर्फी चढ़ा सकते हैं. इसके बाद आरती करें और मां से अपनी मनोकामना कहें.

ऐसा कहा जाता है कि, मां शैलपुत्री कि मन से से पूजा अर्चना करने पर युवतियों को मन चाहे वर कि पर्पटी होती है. जो भी युवतियां अच्छे वर कि कामना करती हैं उन्हें मां शैलपुत्री कि उपासना ज़रूर करनी चाहिए. साथ ही जो भी भक्त अपने जीवन से कष्टों को दूर करना चाहते हैं वो एक पान के पत्ते पर लौंग सुपारी रखकर मां शैलपुत्री को अर्पण करें. 

कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त

आज यानी शनिवार को नवरात्र का पहला उपवास रखा जाएगा. इसके साथ आज ही कलश की स्थापना भी की जाएगी. कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:27 बजे से शुरू होकर सुबह के ही 10:13 बजे तक का है. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 मिनिट से शुरू होकर दोपहर के 12:24 मिनिट तक है. इस मुहूर्त में कलश स्थापना करना काफी फलदायी साबित होता है. 


Leave Comments