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मां भगवती का आगमन घोड़े पर और विदाई भैंसे पर बिल्कुल नहीं है शुभ

देश के मशहूर जाने माने ज्योतिषाचार्य पंडित कपिल शर्मा काशी महाराज ने आगामी नवरात्रि को लेकर कहा है कि इस साल नवरात्रि 17 अक्टूबर 2020 शनिवार से शुरू हो रही है. मां भगवती का आगमन घोड़े पर सवार होगा. परंतु उनकी विदाई भैंसे पर होगी, जो की बिल्कुल भी शुभ नहीं है. पंडित कपिल शर्मा का कहना है कि ग्रंथों के अनुसार मां का घोड़े पर आगमन से बहुत कुछ बदल सकता है. जैसे की भारत के पड़ोसी देशो से तनाव, सत्ता में बदलाव, लोगों में भय हो सकता है.

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

सुबह 7ः49 से 9ः15 बजे तक

दोपहर 1ः32 से 2ः58 बजे तक

दोपहर 2ः58 बजे से 4ः23 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त 11ः43 बजे से 12ः39 बजे तक सुबह

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों के पूजा का विधान है. ज्योतिष शास्वत्र के मतानुसार मां के नौ रूपों की पूजा करने से नवग्रहों की शांति होती है. मां दुर्गा का प्रथम रूप शैलपुत्री है. यह चंद्र को दर्शाती है उनकी आराधना करने से चंद्र संबंधित दोष समाप्त हो जाते हैं. दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. मां ब्रह्मचारिणी मंगल ग्रह को नियंत्रित करती है. इनकी आराधना करने से मंगल के बुरे प्रभाव कम हो जाते हैं. तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. यह शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती है. इनकी पूजा करने से शुक्र ग्रह के प्रभाव कम हो जाते है. चतुर्थ दिवस पर मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है. मां कुष्मांडा सूर्य का मार्गदर्शन करती है. अतः इनकी पूजा से सूर्य के कुप्रभाव से बचा जा सकता है. पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. देवी स्कंदमाता बुद्ध को नियंत्रित करती है इनकी आराधना से बुध के को प्रभाव को कम किया जा सकता है. छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. देवी कात्यायनी बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती है अतः इनकी आराधना से बृहस्पति ग्रह के बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है. सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है. मां कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती है. इनकी आराधना करने से शनि ग्रह के कुप्रभाव से बचा जा सकता है. आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है इनकी पूजा करने से राहु के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है. नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है, इनकी आराधना करने से केतु के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है.

इन 9 दिनों तक किसी योग्य ब्राह्मण से दुर्गा सप्तशती या दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम या दुर्गा चालीसा का पाठ करवाएं. कोरोना काल के चलते मंदिरों एवं पंडालों में दर्शन करते समय भिड़ ना लगाएं. मुंह पर मास्क लगाएं. सामाजिक दूरी बनाए रखें.

ज्योतिषाचार्य पंडित कपिल शर्मा 


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