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शिवरात्रि पर भूलकर भी न करें ये काम, नहीं तो होगा तांडव

हिंदू धर्म में शिव को संहारक माना गया है और शिवजी को सृष्टि का रचेता भी माना जाता है, इसलिए शिवजी क्रोधित न हों, इसके लिए हमे कई चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है. क्योंकि शिवजी के नाराज होने से आपके जीवन के कष्ट प्रवेश कर सकते है और अगर शिवजी प्रसन्न होते है तो अपके भाग्य भी खुल सकते है. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले कष्टों का निवारण होता है. लेकिन शिवजी की पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है, ताकि आपकी पूजा सफल रहे और कोई विपत्ती न आए. 

इन बातों का रखे विशेष ध्यान 

महाशिवरात्री पर पूजा करने से पहले स्नान करना आवश्यक है. स्नान करने वाले पानी में काला तिल मिलाएं और गंगा जल की कुछ बूंदे भी मिलाए. हो सके तो शिवरात्रि के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करें. मंदिर य घर में शिव का अभिषेकर कर रहे है तो दूध से अभिषेक करें. दूध में शहद मिलाएं अगर दूध से नहीं कर रहे है तो जल से अभिषेक करे, लेकिन दूध या जल में अन्य द्रव्य न मिलाएं, शिवजी को जब भी जल चढ़ाएं तो तांबे के बर्तन का उपयोग करें, लेकिन जब आप अभिषेक कर रहें है तो चांदी या मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करें.

शिवजी की पूजा करने समय बेलप, धतूरा, चंदन, हल्दी और फूल चढ़ाएं हो सके तो शिवजी को सफेद फूल चढ़ाएं, क्योंकि शिवजी को सफेल फूल पंसद है. यदि महिलाएं शिवजी का अभिषेक करना चाहती है तो चंदन का प्रयोग करें. शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं, महाशिवरात्रि के दिन व्रत जरूर रखें और व्रत में फलहार खाना खाएं, लेनिक शाम को कुछ भी न खाएं. महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भजन-कीर्तन करना चाहिए, शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को खीर, दूध से बनी चीजें अर्पित करें. शिवजी की पूजा कर रहे है तो काले रंग के वस्त्र धारण न करें, शिवपूजा में तूलसी के पत्तों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, महाशिवरात्रि के दिन मांसाहारी भोजन शराब इत्यादि का सेवन नही करें. हालांकी महाशिवरात्रि पर भांग का सेवन किया जा सकता है.


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