liveindia.news

इस तरह करें सावन के महीने में शिव की आराधना, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

बारिश का मौसम शुरू होते ही भगवान शिव के भक्त सावन के पावन महीने का शुरू होने का इंतज़ार करने लगते हैं. हिन्दू धर्म में सावन के महीने का बहुत महत्त्व बताया गया है. ऐसा कहा जाता है की सावन का महीने भगवान शिव को काफी प्रिय होता है. सावन का महीने साल भर का सबसे पवित्र महीना माना जाता है. ऐसा कहा जाता है की सावन के महीने में व्रत करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान शिव पूरी करते हैं. 

इस साल श्रवण मास 6 जुलाई से शुरू हो रहा है और 3 अगस्त को इसका समापन हो रहा है. लेकिन इस साल संयोग ऐसा बना रहा है की श्रवण मास के शुरू होने वाला दिन भी सोमवार का है और अंतिम दिन भी सोमवार का ही दिन है. इस महीने में व्रत करने वाले भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं, साथ ही विवाह में आने वाली अड़चने भी व्रत करने से दूर हो जाती है. 

इस तरह करें भगवान शिव की आरधना 
श्रवण मास में प्रति सोमवार सुबह जल्दी उठे, फिर स्नान करने वाले पानी में दो बूंद गंगाजल की मिला लें, अब इस पानी से स्नान करके साफ़ कपड़े पहने. 

अब भगवान की पूजा शुरू करने से पहले पूजा की थाली में रोली, चावल, धूप, सफ़ेद चंदन, सफ़ेद जनेऊ, कलावा, पीला फल, कोई भी सफ़ेद मिठाई, गंगाजल और पंचामृत रखें. 

अगर आपके घर के पास कोई शिव मंदिर हो तो आप नंगे पैर वहां तक जाएं, और विधि विधान से भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा अर्चना करें. अगर मंदिर न हो आसपास तो घर पर ही पुरे विधि विधान से पूजा करें. 

भवान शिव के आगे शुद्ध घी का दीपक लगाएं, साथ ही धूपबत्ती जलाएं.

अब शिवलिंग का दूध दही से अभिषेक करें, भगवान शिव को बैलपत्र और धतूरा चढ़ाएं.

अब आसन बिछाकर शिव चालीसा का पाठ करें और शिवाष्टक भी पढ़ें. 

पूजा करने के बाद भगवान शिव से सच्चे मन से अपनी मनोकामना कहें. 

 


Leave Comments