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उत्तराखंड के बाद हरियाणा सरकार पर आया संकट!

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के इस्तीफे के बाद अब हरियाणा की खट्टर सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं. आज मनोहर लाल खट्टर सरकार की अग्निपरीक्षा है. हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में वोटिंग की जाएगी, जिसको लेकर BJP-JJP सहित कांग्रेस ने अपने-अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है.

हालांकि विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन सरकार मजबूत स्थिति में है, लेकिन सरकार को क्रॉस वोटिंग का डर है. क्योंकि किसान आंदोलन को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गठबंधन तोड़ने की धमकी दे चुके हैं. विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव से पहले दुष्यंत चौटाला के विधायकों ने सरकार पर हमला भी बोला है. टोहाना विधानसभा से JJP के विधायक देवेन्द्र बबली ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के पक्ष में वोट करना मेरी मजबूरी है, लेकिन वर्तमान के हालात ऐसे हैं की सरकार से गठबंधन तोड़ देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा है कि अगर उनके वोट से सरकार गिरती है तो वो सरकार के खिलाफ वोटिंग कर सकते हैं.

अभी ये है विधानसभा की स्थिति-

हरियाणा विधानसभा में अभी फिलहाल 88 सदस्य हैं. जिनमें से अभय चौटाला का इस्तीफा और कालका विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में तीन साल की सजा होने पर अयोग्य घोषित किए जाने के बाद से दो सीट खाली हैं. ऐसे में गठबंधन सरकार को बहुमत के लिए 45 का आंकड़ा चाहिए होगा. हालांकि BJP के पास 40, JJP के पास 10 विधायक है, वहीं कांग्रेस के पास 30 विधायक हैं, जिनमें निर्दलीय भी शामिल हैं.


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