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एक ऐसा मंदिर जहां भगवान शिव को पिलाई जाती है सिगरेट

धर्म : हिन्दू धर्म के कैलेंडर के अनुसार इस समय श्रवण मास चल रहा है. कहते हैं की दौरान पृथ्वी की बाग़ डोर भगवान शिव के हाथों में होती है. क्यूंकि भगवान विष्णु इस समय में विश्राम करने के लिए पाताल लोक में चले जाते हैं. सावन के महीने में ऐसे मान्यता है की जो भी कोई भक्त भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करता है भगवान् उसके सारे दुःख दर्द दूर करते हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए वैसे तो कई सारी चीज़ें चढ़ाई जाती हैं, लेकीन क्या आपने कभी देखा है की भगवान शिव को किसी मंदिर में सिगरेट भी पिलाई जाती हो. नहीं ना, आइये हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताते हैं जहां पर भोलेनाथ को सिगरेट चढ़ाई जाती है.

जी हां हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में भगवान शिव का एक ऐसा ही अनोखा मंदिर है. जिले में यह मंदिर लुटरू महादेव मंदिर के नाम से काफी प्रसिद्ध है. काफी दूर-दूर से भक्त यहां पर भगवान शिव की आरधना करने आते हैं. यहां पर आने वाला प्रत्येक भक्त भगवान शिव को चढ़ाने के लिए फूल, प्रसाद, धतूरा, भांग के साथ सिगरेट भी लाता है. हैरानी की बात तो यह है की इस शिवलिंग पर सिगरेट चढ़ाने के बाद कोई उसे जलाता नहीं है, बल्कि वो खुद ही जल जाती है, और धुंआ भी निकलता है. ये देख ऐसा लगता है जैसे भगवान भोलेनाथ स्वयं ही सिगरेट से धुंआ उड़ा रहे हो. 

इस दृश्य को देखने के लिए बाबा के भक्त काफी दूर-दूर से आते हैं. ऐसा कहा जाता है की यहां पर स्थित शिवलंग में कई सारे गढ़े बने हुए हैं, भक्त उसमे ही सिगरेट फंसाते हैं. कई लोग इसे चमत्कार मानते हैं, तो कई लोगों का मानना है की यह सब अंधविश्वास होता है. लेकिन जो भी यह घटना देखता है उसके होश ज़रूर उड़ जाते हैं. बता दें की इस प्राचीन मंदिर का निर्माण सन 1621 में बाघल रियासत के राजा ने करवाया था. ऐसा कहा जाता है की राजा को सपने में शिव भगवान ने दर्शन दिए और इस मंदिर का निर्माण करने को कहा. तब से यह मंदिर और इसकी कहानियां काफी प्रसिद्ध है. 

 


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