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फ्री में कोरोनिल दवा बांटने को तैयार बाबा रामदेव

योग गुरू बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने बीते दिनों कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल लाॅन्च की थी, तभी से बाबा विवादों के घेरे में है. हाल ही में बाबा रामदेव ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह देशभर में कोरोनिल दवा को मुफ्त बांटेंगे. मुझे देश और देश की जनता ने सामर्थवान बनाया है, जो सक्षम है वह पैसे दे और जो दवा लेने में सक्षम नहीं है, उन्हें हम यह दवा मुफ्त देंगे. साथ ही बाबा रामदेव ने कहा है की घर बैठे भी दवा को मंगाया जा सकता है.

आयुष मंत्रालय ने लगाई दवा पर रोक 

बाबा रामदेव की कोरोनिल दवा के लाॅन्च होते ही 6 घंटे बाद आयुष मंत्रालय ने दवा के विज्ञापन और दवा पर रोक लगा दी थी और पतंजिल को एक नोटिस भेजकर जवाव मांगा था. जिसके बाद पतंजिल के आचार्य बालकृष्ण ने कहा था की यह दवा कोरोना महामारी में कारगार है. इस दवा के सेवन से कोरोना मरीज 5 से 10 दिनों मे ठीक हो जाता है. हालांकी बाबा रामदेव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई और ना ही दवा को लेकर आयुष मंत्रालय को किसी भी प्रकार की सफाई नहीं दी है. 

रामदेव बाबा के खिलाफ मामला दर्ज

योग गुरू और पतंजलि आयुर्वेदि के प्रमुख बाबा रामदेव के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है. बाबा रामदेव के खिलाफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में मामला दर्ज किया गया है, साथ ही बालकृष्ण सहित 3 और अन्य लोगों के खिलाफ कोरोना की दवा कोरोनिल के भ्रामक प्रचार को लेकर मामला दर्ज किया गया है. यह मामला जयपुर के ज्योतिनगर थाने में दर्ज किया गया है. मामले में रामदेव बाबा, बालकृष्ण, वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. बलबीर सिंह तोमर और डॉ. अनुराग तोमर को आरोपी बनाया है.

बाबा रामदेव ने जिस मेडिलक साइंस युनिवर्सिटी के साथ यह दवा बनाने और ट्रायल का दवा किया था. उसी युनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ.बीएस तोमर ने बाबा रामदेव का फर्जीबाड़ा उजागर करते हुए कहा दिया है कि हमने कोरोनिल दवा का कोई ट्रायल नहीं किया है. यह बात उन्होंने हिन्दी न्यूज चैनल एबीपी से बात करते हुए कही थी.

नही लिया था कोरोना दवा बनाने का लायसेंस

यह भी बता दें की बाबा रामदेव की पतंजलि कोरोनिल दवा लाॅन्च होने बाद, आयुष मंत्रालय ने इस दवा को मंजूरी नही दी और दवा के विज्ञापनों पर रोक लगा दी थी. रामदेव बाबा ने हरिद्धार में 23 जून को कोरोनिल दवा को लाॅन्च किया था और इस दवा से कोरोना के इलाज होने का दवा किया था. लेकिन आयुष मंत्रालय ने लाॅन्च के 6 घंटे बाद ही दवा के प्रचार पर रोक लगा दी थी. वही उत्तराखंड आयुर्वेदिक विभाग ने बाबा रामदेव को नोटिस जारी किया था जिसमें विभाग ने कहा था की बाबा ने बुखार-खांसी-सर्दी की दवा कहकर लाइसेंस लिया था. कोरोना की दवा बनाने की बात नही बताई थी. विवादों में आने के बाद राजस्थान और महाराष्ट्र सरकार ने बाबा की इस दवा पर रोक लगा दी थी.


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