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Corona की दूसरी लहर युवाओं और बच्चों के लिए खतरनाक, इन लक्षणों को ना करें अनदेखा

भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर लगातार अपने पैर पसार रही है. कोरोना का गंभार रूप अब बच्चों और युवाओं पर हावी हो रहा है. कोरोना से अभी तक सबसे ज्यादा बुजुर्ग और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग ही संक्रमित हो रहे थे, लेकिन अब युवा भी तेजी से कोरोना की चपेट में आ रहे हैं.

एक नामित अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर्स का मानना है कि बुजुर्ग लोगों की तुलना में काफी संख्या में युवा कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं. इस संबंध में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि 65 प्रतिशत नए रोगी 45 साल से कम उम्र के हैं.

बच्चे भी हो रहे संक्रमित 

डॉक्टर्स का कहना है कि वो 12 से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी संक्रमित होता देख रहे हैं. जब कोरोना आया था उस समय बच्चे संक्रमित नहीं हो रहे थे.
बताया जा रहा है कि कोरोना का नया रूप बच्चों को आसानी से संक्रमित कर रहा है. और बच्चों के लिए किसी वैक्सीन की भी व्यवस्था नहीं है. वायरस का नया स्ट्रेन 8 महीने से 14 साल के बच्चों में तेजी से फैल रहा है.

दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में कोरोना संक्रमित बच्चों की सबसे अधिक संख्या है.

बच्चों में कोरोना के लक्षण

एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों में कोरोना के वो लक्षण होते हैं, जो वयस्कों से पूरी तरह से अलग हैं. बच्चे 103-104 डिग्री सेल्सियस बुखार से पीड़ित हो सकते हैं. यदि बुखार 4-5 दिनों तक जारी रहता है, तो इसे अनदेखा नहीं करना है और माता-पिता को रक्तचाप पर भी नजर रखना चाहिए. पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से बच्चों के ऑक्सीजन लेवल को मापा जा सकता है.

लंबे समय तक ठंड भी बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर सकती है और निमोनिया भी हो सकता है. इसके साथ ही भरी हुई नाक भी शरीर में वायरस के संकेत देती है. 

इसके अलावा चेहरे और होठों का लाल होना, फटे होंठ, फफोले, चिड़चिड़ापन, नींद न आना और भूख न लगना बच्चों में कोरोना के कुछ अन्य लक्षण में से हैं.

 


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