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किसानों ने दिल्ली को किया आग के हवाले!

किसान बिल को लेकर आज देश की राजधानी दिल्ली में कुछ किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राजपथ पर आगजनी की. विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ट्रैक्टर में आग लगा दी. घटना सुबह 7 बजे की बताई जा रही है. आगजनी की जानकारी लगते ही दमकल की दो गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया और आग पर काबू पाया गया.

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है की राजपथ पर सुबह करीब 7 बजे पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता एक पुराने ट्रैक्टर को एक ट्रक में रखकर आए और बीच सड़क पर ट्रैक्टर में आग लगा दी. हालांकी मौके पर पहुंची दमकल की गाडियों ने आग को बुझा दिया और ट्रैक्टर को वहां से हटा दिया. बात दें किसानों का विरोध प्रदर्शन अब संसद के करीब पहुंच गया है. पुलिस प्रशासन ने दिल्ली में इंडिया गेट और उसके आसपास के इलाके में धारा 144 लागू कर दी है.

बता दें की पिछले दो हफ्तों पहले किसान बिल को लेकर जंग छिड़ी थी, हालांकी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिल को मंजूरी दे दी है. लेकिन बवाल अभी भी नहीं थमा है. पंजाब हरियाणा के किसानों का विरोध प्रदर्शन अब तेज हो गया है. किसान संगठनों ने पंजाब में रेल रोको आंदोलन को 29 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है.

जानिए कौन से है तीन बिल 

कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 

कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिजय विधयेक 2020 के तहत किसानों को फसल बेचने की आजादी मिली है. किसान अब मनचाही जगह पर अपनी फसल बेच सकते है. किसान चाहे तो एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर अपनी फसल का सौदा कर सकते है. साथ ही किसान की फसल की बिक्री पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जिससे किसानों को अपनी फसल के अच्छे दाम मिलेंगे. यानि की एपीएमसी के दायरे से बाहर भी फसलों की खरीद-बिक्री संभव है.

कृषि सेवाओं पर कृषक अनुबंध विधेयक 2020 

इस बिल के तहत किसानों की आय बढ़ेगी और बिचैलिया राज खत्म होगा. फसल खराब होने पर उसके फसल के नुकसान की भरपाई किसानों को नहीं, बल्कि एग्रीमेंट करने वाली कंपनियों को देनी होगी. 

आवश्यक वस्तु संशोधन बिल

आवश्यक वस्तु संशोधन बिल के अनुसार इस अधिनियम क सूची से अनाज, दाल, तिलहन, आलू प्याज जैसी कृषि उपजों पर से स्टाॅक लिमिट हटा दी गई है. जरूरी होने पर ही इन चीजों पर स्‍टॉक लिमिट लगाई जाएगी. इस तरह की वस्तुओं पर लागू भंडारण की सीमा समाप्त हो जायेगी.

किसान क्यों कर रहे विरोध

कृषि बिल को लेकर देशभर के कई हिस्सों में किसानों और व्यापारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है, क्योंकि इनको आशंका है की इन विधेयकों से एपीएमसी मंडियां बंद हो जाएंगी और कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 में कहा गया है की किसान अब एपीएमसी मंडियों से बाहर कहीं भी अपनी उपज को बेच सकता है और ना ही इस पर किसी प्रकार का शुल्क लगेगा. जबकि देशभर में एपीएमसी मंडियों में कृषि उत्पादकों की खरीद पर अलग-अलग राज्यों में मंडी शुल्क और अन्य उपकर है. जिससे मंडी कारोबारियों को डर है की जब मंडी के बाहर बिना शुल्क के व्यापार होगा, तो मंडी कौन आएगा. वहीं किसान को डर है की नए कानून के बाद सरकार एमएसपी पर फलसों को खरीदना बंद कर देगी.

कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन 

किसानों से जुडे दो विधेयकों को लेकर कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है. खास तौर से पंजाब में किसान लामबंद हो गए है. पंजाब के किसानों द्वारा रेल रोको अभियान चलाया जा रहा है. दरअसल कांग्रेस सरकार से दोनों विधेयकों को वापस लेने की मांग कर रही है. दोनों बिलों को लेकर राज्यसभा में हुए हंगामें को लेकर विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबन का भी सामना करना पड़ा. कांग्रेस द्वारा अंदोलन करने का फैसला देशभर के राज्य प्रभारियों और महासचिवों की बैठक में लिया गया है. यह अहम बैठक दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में हुई थी. साथ ही इन विधेयकों को लेकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मिले थे.


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