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ओवैसी ने कब-कब कितना बवाल मचाया

मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख भड़काऊ भाई जान के नाम से मशहूर मुस्लिमों का ठेकेदार मानने वाले लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी अक्सर अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहते है. औवेसी के अपने बयानों के चलते वह कई बार विवादों में आ चुके है. कई बार तो ऐसा हुआ है की उनके बयान आते ही विपक्षी नेता अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने लगते है. ओवैसी पेशे से वकील है, वह अपने बयानों का जबाव वकालत की भाषा में ही देते है. असुद्दीन ओवैसी के ऐसे कई बयान है जो काफी चर्चा में रहे है. जिन्हें आज हम बताने जा रहे है.

तीन तलाक 

तीन तलाक मामले पर ओवैसी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था की इस मसले पर महिलाओं को न्याय दिलाने की बात कहना तो एक बहाना है. दरअसल, इनका असली निशाना तो शरियत है. हालांकी औवेसी ने तीन तलाक पर यह भी कहा था की तीन तलाक से पीड़ित महिला को अपना गुजार करने के लिए हर महीने 15 हजार रूपये बजटीय प्रावधान होना चाहिए.

भाजपा-आरएसएस की सफाई जरूरी 

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब कुछ समय पहले आगरा स्थित ताजमहल में सफाई करने पहुंचे थे, उस समय ओवैसी ने एक विवादित बयान दिया था. जिसको लेकर काफी बवाल मचा था. औवेसी ने योगी पर हमला बोलते हुए कहा था की भाजपा-आरएसएस नेताओं के दिमाग की सफाई ज्यादा जरूरी है. मुझे लगता है कि अब मुख्यमंत्री वहां जा रहे हैं और ताजमहल के परिसर की सफाई कर रहे हैं, मैं कहना चाहूंगा कि ऐसे बयान देने वाले भाजपा नेताओं के दिमाग की सफाई कौन करेगा.

जरूरी नहीं भारत माता की जय बोलना

असदुद्दीन ओवैसी ने लातूर जिले की उदगीर तहसील में एक सभा को संबोधित करते हुए ऐसा बयान दिया की सोशल मीडिया पर उन्हें पूरे समय ट्रोल किया जाने लगा. उन्होंने कहा था की संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि भारत माता की जय बोलना है, में यह नारा नहीं लगाता हुं. उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को ललकारते हुए कहा था की अगर आप मेरे गले पर चाकू भी रखेंगे, तो भी मैं ये नारा नहीं लगाऊंगा. बता दें की औवेसी ने यह बयान तब दिया था, जब प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था की नई पीढ़ी को ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाना सिखाया जाना चाहिए.

बाबरी मस्जिद पर बयान

बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर 6 दिसंबर 2015 को औवेस ने एक बयान देते हुए कहा था की अयोध्या में राम मंदिर नहीं बल्कि बाबरी मस्जिद बनेगी और हम इसे बनाकर रहेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए. 

मुझे अपनी मस्जिद वापस चाहिए

अयोध्य विवाद पर जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दिया था. तब औवेसी ने एक विवादित बयान दिया था. औवेसी ने ट्वीट करते हुए कहा था की मुझे अपनी मस्जिद वापस चाहिए. वह हर उस बात का विरोध करेंगे जो भारतीय संविधान के खिलाफ हो और बहुलवाद से जुड़ा हो. 

जिंदा रहना है तो जात वाले को वोट दो

असुद्दीन आवैसी ने एक मुस्लिम जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था की अगर जिंदा रहना है, तो अपनी जात वाले प्रत्याशी को वोट दो, उसे जिताओं. धर्मनिरपेक्षता को जिंदा रखना है तो अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा. अगर मुसलमान एक मजबूत राजनीतिक ताकत बनेंगे, तभी जाकर धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को ताकत मिलेगी.

मोदी बड़े की बिरयानी खाकर सो गए थे 

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला होने के बाद वायुसेना ने एयर स्ट्राइक की थी, जिसको लेकर औवेसी ने पीएम मोदी पर एक विवादित बयान दिया था. ओवैसी ने कहा था की जब हिंन्दुस्तान में आरडीएक्स दिल्ली की नाक के नीचे से निकल गया, तब क्या मोदी बड़े की बिरयानी खाकर सो गए थे, क्या बिरयानी खाकर डकार मारकर सो गए थे.

शाही मस्जिद किसी किमत पर नहीं हटेगी

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में स्थित मस्जिद हटाने की याचिका को लेकर असुद्दीन औवेसी ने बिलबिलते हुए कहा है कि शाही मस्जिद को किसी भी किमत पर नहीं हटने देंगे. उन्होंने कानूनी नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि किसी भी पूजा के स्थल के परिवर्तन पर मनाही है. ऐसा नहीं किया जा सकता है. असुद्दीन औवेसी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि पूजा का स्थान अधिनियम 1991 पूजा स्थल में बदलने से मना करता है. गृह मंत्रालय को इस अधिनियम का प्रशासन सौंपा गया है, अदालत में इसकी प्रतिक्रिया क्या होगी? शाही ईदगाह ट्रस्ट और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ने व्ब्ज् 68 में अपने विवाद को हल किया. अब इसे पुनर्जीवित क्यों करें?


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