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गांधी जयंती विशेष : जानिए गांधी जी के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से

देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्मदिन को पुरे देश में गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है. हर साल 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है. महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. एक बेहद ही माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे गांधी जी का देश से अंग्रेज़ों को भगाने में काफी बड़ा योगदान रहा है. गांधी जी हमेशा ही सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को मानते थे और उन्ही पर चलते थे.

गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था. गांधी जी के विचारों को ना सिर्फ हिन्दुतान में बल्कि पूरी दुनिया में भी माना जाता है. वैसे तो आपने गांधी जी के जीवन से जुड़े कई किस्से सुने होंगे जैसे कि , कैसे उन्हें राष्ट्रपिता का दर्जा मिला या फिर कैसे उन्होंने अंग्रेज़ों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया. लेकिन आज हम आपको गांधी जी के जीवन से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने किस्सों के बारे में बताएंगे जिन्हे आपने शायद ही कहीं पढ़ा या सुना होगा. 

  • आपको यह जानकार गर्व होगा कि महान अविष्कारक अल्बर्ट आईन्स्टीन महात्मा गांधी से काफी ज़्यादा प्रभावित थे. बापू के लिए आईन्स्टीन ने यह तक कहा था कि, लोगों को यकीन नहीं होगा कि ऐसा इंसान धरती पर कभी आया भी होगा.
  • महात्मा गांधी जी को अपनी फोटो खिचवाना बिलकुल भी पसंद नहीं था. हालांकि हम सभी ने उनकी कई तसवीरें देखीं हैं. जिनमे वो बिलकुल साधारण से वस्त्रों में दिखाई दे रहे हैं.
  • अगर आपने बापू के जीवन पर  किताबें पड़ी होंगी तो आपको पता होगा कि, बापू पेशे से वकील थे. इतना ही नहीं बापू अपना पहला ही केस हार गए थे. 
  • बापू को पांच बार नोबल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था. 1948 में पुरस्कार मिलने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी थी. 
  • भारत में 53 बड़ी सड़कें महात्मा गांधी के नाम पर हैं. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी बापू के नाम पर 48 बड़ी सड़कें हैं. 
  • साल 1930 में उन्हें अमेरिका कि टाइम मैगज़ीन ने मैन ऑफ़ द  ईयर कि उपाधि से नवाज़ा था.
  • आपको बता दें कि महात्मा गांधी जी को हम सब ही राष्ट्रपिता के रूप में जानते हैं. लेकिन बहुत ही कम लोग यह जानते हैं कि महात्मा गांधी जी को यह दर्जा सर्व प्रथम सुभाष चंद्र बोस ने दिया था. 
  • देश के मशहूर कवी और नोबल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को महात्मा कि उपाधि दी थी. 
  • देश कि आजादी में बड़ा योगदान करने वाले गांधी जी ने 15 अगस्त 1947 का दिन 24 घंटे का उपवास करके मनाया था. उस समय देश को आजादी तो मिली थी , लेकिन साथ ही मुल्क का बंटवारा भी हो गया था. 

 


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