liveindia.news

शिवराज का साथ छोड़ेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया!

मध्यप्रदेश के विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से भले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान अपनी सत्ता बचाने में कामयाब हो गए हो, लेकिन सिंधिया अपनी साख नहीं बचा सके. क्योंकि उनके कई समर्थकों को हार का मुंह देखना पड़ा है. इसके लिए वो कांग्रेस को नहीं बल्कि शिवराज के करीबियों को जिम्मेदार मान रहे है. यही वजह है की अब उनका दर्द भी छलक आया है. जिससे बीजेपी में बगावत के संकेत साफ दे दिए है.

मध्यप्रदेश उपचुनाव में कुछ सिंधिया समर्थकों की हार के पीछे की वजह को तलाशा जा रहा है. कोई कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहा है तो, नीतियों को गलत बता रहा है. लेकिन हारे हुए नेता तो बीजेपी के सिर ही ठिकरा फोड़ रहे है. जी हां चुनाव में हार मिलने के बाद सिंधिया समर्थकों का दर्द छलक आया है वो अब खुलकर पार्टी के स्थानिय बड़े नेताओं पर चुनाव में भीतरघात करने का आरोप लगा रहे है. उपुचनाव में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद सिंधिया जब पहली बार भोपाल आए तो उनके समर्थक नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा. मुरैना विधानसभा सीट से हार का सामना करने वाले सिंधिया समर्थक रघुराज कंसाना ने कहा की मुरैना में बीजेपी के कार्यकार्ताओं ने तो काम किया मगर पार्टी के स्थानीय बड़े नेताओं ने चुनाव में धोखा दिया, जिसकी वजह से चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

कंसाना ने आगे कहा की दिग्गजों ने बगावत का बिगुल बजाकर चुनाव में बीजेपी की पीठ में छुरा घोपने का काम किया है. जिन नेताओं ने उन्हें चुनाव हराया है, उन सभी नेताओं के नाम पार्टी को मालूम है और उम्मीद करते है कि ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी, अगर ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले समय में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा.

वही ग्वालियर पूर्व सीट से चुनाव हारे सिंधिया समर्थक मुन्ना लाल गोयल ने भी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा की पार्टी के कार्यकर्ता वोटर को बाहर नहीं निकाल पाए, जिसकी वजह से उनकों चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. वही दिमनी से चुनाव हारे शिवराज सरकार में कृषि राज्यमंत्री गिर्राज दंडोतिया ने कहा की वो चुनाव क्यों हारे इस बात को उन्होंने पार्टी फोरम पर रख दिया है. वही अपने समर्थका नेताओं के खुलकर भीतरघात लगाने के आरोपों पर सिंधिया ने कहा की इस पूरे मुद्दे पर पार्टी के अंदर चर्चा की जाएगी. अब सिंधिया ने तो समर्थकों को दिलासा दिला दिया. लेकिन ये नाराजगी बीजेपी में बगावत के संकेत है. जिससे सिंधिया और शिवराज के रिश्ते में भी दरार आ सकती है.


Leave Comments