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24 सीटों के उपचुनाव का आया सर्वे, इनकी होगी जीत

मध्यप्रदेश में कोरोना का संकट छाया हुआ है. राज्य में दिन प्रतिदिन बढ़ती मरीजों की संख्या ने सरकार की नींद उड़ा रखी है. कोरोना संकट के बीच शिवराज सरकार पर एक और संकट आता दिखाई दे रहा है, जिसको लेकर कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक सहित भाजपा आलाकमान बेहद हैरान परेशान है. 

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दरअसल, मध्यप्रदेश में 24 विधनसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. जिनमें से 22 सीटों वह है जिन्होंने बीते दिनों कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. बाकी 2 विधानसभा सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हो गई थी. अब कुल मिलकर 24 सीटों पर उपचुनाव होना है. लेकिन उपचुनाव होने से पहले शिवराज सरकार पर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी गुपचुप तरीके से एक सर्वे कराया गया था, जिसमें 22 पूर्व विधायकों और मंत्रियों में से दो दर्जन से ज्यादा की सीट खतरे में दिखाई पड़ रही है.

सूत्रों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान के इशारे पर एक सर्वे एजेंसी ने मध्यप्रदेश की 24 सीटों पर सर्वे किया था. जिसमें सर्वे भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के 13 पूर्व विधायक व मंत्रियों की हालत खराब दिखाई दे रही है और यही कारण रहा की शिवराज मंत्रीमंडल विस्तार में कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों को स्थान देने में कंजूसी बरती गई. फिलहाल लाॅकडाउन के नाम पर सिंधिया समर्थकों को मंत्री नहीं बनाए जाने की बात को टाल दिया. 

राजनैतिक गलियारों में चर्चा की जा रही है कि सिंधिया समर्थक उपचुनाव में अपनी सीट बचा लेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है. सिंधिया समर्थकों को अपनी सीट बचाने के लिए खून पसिना भी बहाएं, तो भी बेकार है. यहां तक की वर्तमान में सिंधिया समर्थक दोनों मंत्री भी अपनी सीट उपचुनाव में नहीं बचा पायेंगे. खबर यह भी है की कुछ सीटों पर पूर्व भाजपा विधायकों ने अपनी-अपनी सीटों से चुनाव लड़ने की पार्टी से जाहिर की है. अब ऐसे में बीजेपी किसको टिकट देगी सिंधिया समर्थकों को या फिर पूर्व बीजेपी विधायकों पर भरोसा करेंगी यह देखाना बाकी है.


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