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मासूम को मिला 30 मांओं का आंचल

अगर आप भी कोरोना काल की हाहाकार से परेशान हैं, लाशों के अंबार और पॉजिटिव मरीजों के भरमार की खबरों से आप परेशान हो चुके हैं  तो आइए आपको एक ऐसी खबर बताते हैं जिसे देखकर और सुनकर हमें ईश्वर की बनाई दुनिया फिर एक बार खूबसूरत नजर आने लगेगी.

किस्सा कोरोना काल का तो है ही, लेकिन उसका कारण भी कोरोन ही बना. ये कहानी है एक आठ दिन की मासूम की. जिसने दुनिया में आंखें खोली ही थीं कि क्रूर कोरोना ने मां का साया छीन लिया. पांच दिन की मासूम जो मां के आंचल को पहचानना ही सीखी थी कि मां का साया सिर से उठ गया. कुछ दिन डाक्टरों ने सम्हालने की कोशिश की, लेकिन मां के दूध के बिना बड़ी मुश्किल नजर आ रही थी. 

फिर क्या था बच्ची के पिता ने सोशल मीडिया पर गुहार लगाई कि कोई भी मां उनकी बच्ची को दूध पिला सके तो बच्ची का जीवन बचाया जा सकेगा. सोशल मीडिया पर गुहार क्या लगी, देखते-देखते बच्ची को एक दो नहीं बल्कि कई मांओं ने अपने आंचल फैला दिए. 

बता दें मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चिरायु अस्पताल में एक महिला को भर्ती कराया गया था, जो कोरोना पॉजिटिव थी. महिला ने 11 अप्रैल को प्री-मैच्योर बेबी को जन्म दिया. लेकिन 15 अप्रैल को मां की इलाज के दौरान मौत हो गई. लेकिन बच्ची को स्वस्थ रखने के लिए उसे मां के दूध की जरूरत थी. तो पहुंच गईं मांएं दूध पिलाने.

दूध पिलाना तो ठीक है ये माआएं बच्ची को जब तक वो ऊपर का दूध नहीं पी सके तब तक के लिए अपने साथ पालने के लिए भी एक पैर पर खड़ी मिली. कोरना काल में सोशल मीडिया पर लगी ये गुहार और उसके बाद मिली मदद की बहार ने कोरोन काल में एक बार फिर खूबसूरत दुनिया दिखा दी.

 


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