liveindia.news

सिलावट ने कराई सिंधिया की घनघोर बेइज्जती

कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की इतनी बेइज्जती कभी नहीं हुई जो, होने वाले उपचुनावों में हुई है. शायद ही कभी सिंधिया को इतनी शर्मिंदगी उठानी पड़ी हो और इस बेइज्जती का सूत्रधार कोई और नहीं बल्कि उनके ही समर्थक तुलसीराम सिलावट है. जो सांवेर विधानसभा सीट से बीजेपी की ओर से चुनावी मैदान में है.

दरअसल, मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनावों में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर उनके समर्थकों को जीताने की पूरी जिम्मेदारी है. जिसके लिए सिंधिया तुलसीराम सिलावट के पक्ष में एक सभा को संबोधित करने सांवेर गए थे. लेकिन सभा में भाषण देना तो दूर उन्होंने सभा स्थल पर ज्यादा देर तक रूकना ठीक नहीं समझा और चुपचाप हाथ जोड़कर लौट आए. क्योंकि सभा में बीजेपी ने सिंधिया को सुनने वालों के लिए कुर्सियां तो करीब 1 हजार लागई थी, लेकिन इन कुर्सियों पर बैठकर सुनने वाले महज 3 सौ लोग ही पहुंचे थे.

जिसे देखकर सिंधिया को अपनी बेइज्जती का अहसास होने लगा. इसीलिए शायद सिंधिया ने सभा स्थल से निकलना ठीक समझा. सिंधिया सांवेर के सभा स्थल पर 5 बजकर 6 मिनट पर पहंचे और पांच बजकर 19 मिनट पर वहां से रवानगी डाल दी. यानि सिंधिया सभा स्थल पर कुल 13 मिनट ही रूके. अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की सिंधिया को कितनी शर्मिंदगी उठानी पड़ी. इससे साफ जाहिर होता है की सिंधिया के करीबी तुलसीराम सिलावट का सांवेर में कितना विरोध है और सिलावट अपने आका के सम्मान में भीड़ भी नहीं जुटा पाए.


Leave Comments