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Madhya Pradesh में अब शवों के पास सोने को मजबूर मरीज

पूरे देश में कोरोना विकाराल रूप ले चुका है. अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन नहीं हैं और अगर मौत हो जाए तो श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए घंटों का इंतजार. वहीं कब्रिस्तानों में दो गज की जगह नहीं बची है. हालात बद से बतदर होते जा रहे हैं. मध्यप्रदेश में सैकड़ों की तादाद में मौतों का सिलसिला जारी है. इसी बीच मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक डरा देने वाला मामला सामने आया है. यहां अस्पताल में मरीज को शवों के साथ सोना पड़ा.

मिली जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर के जिला अस्पताल में एक युवक की कोरोना से मौत हो गई थी, लेकिन मरीज का शव अस्पताल की दहलीज पर पड़ा रहा. अस्पताल प्रबंधन द्वारा शव को ना तो मोर्चुरी में रखा गया और ना ही कोविड गाइडलाइन के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार किया गया. बल्कि अस्पताल प्रबंधन परिजनों पर शव को अपने घर ले जाने का दबाव बनाते रहे. वहीं मृतक का भाई भी उसी अस्पताल में भर्ती है.

मृतक के भाई का कहना है कि उसका ऑक्सीजन लेवल 85 फीसदी घट चुका है. घर में बुजुर्ग मां बाप के अलावा कोई नहीं है. उन्हें अस्पताल द्वारा परेशान किया गया. मृतक के भाई ने आगे बताया की पहले तो उसके भाई को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन उसका ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. उसके भाई की मौत होने के बाद अस्पताल वालों ने शव को अस्पताल की दहलीज पर रख दिया और शव को घर ले जाने के लिए दबाव बनाते रहे. 

मृतक के भाई ने आगे कहा कि उसके साथ भी बुरा बर्ताव किया जा रहा है. उसको अस्पताल में शवों के साथ सोना पड़ रहा है. हालांकि मामले की जानकारी जब जिले के कलेक्टर को लगी तो मृतक का अंतिम संस्कार कोविड गाइडलाइन के मुताबिक किया गया.


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