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मंत्री-कलेक्टर रात भर ढूढ़ते रहे ऑक्सीजन

मध्यप्रदेश में कोरोना के हालात ऐसे हैं कि अब लगने लगा कि कोई बचेगा या नहीं. प्रदेश के बड़े अस्पतालों में बेड नहीं हैं. मरीज को बेड मिलता है तो ऑक्सीजन की किल्लत है. ऑक्सीजन के अभाव में कई मरीजों की सांसे ही रुक जाती हैं. ऐसा ही कुछ नजारा ग्वालियर में बीती रात देखने को मिला.

ग्वालियर अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य के आईसीयू में ऑक्सीजन खत्म होने से अफरा तफरी मच गई. आनन फानन में कई मरीजों को आईसीयू से निकालकर बड़ी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया. ऑक्सीजन के खत्म होने से तो एक मरीज की मौत ही हो गई. ये हाल सिर्फ जयारोग्य अस्पताल का नहीं था. शहर के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन पूरी तरह खत्म हो गई थी, जिसके बाद मरीजों के परिजन सड़कों पर भटकते रहे. इतने के बाद ग्वालियर के कोरोना प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कलेक्टर रात भर मौके पर मौजूद. रातभर शहर के अधिकारी ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करते रहे. 

शहर के कई इलाकों से सिलेंडर ढूढ कर मंत्री तोमर ने अपनी गाड़ी में रखवाए और अस्पताल तक पहुंचाए.

बताया जा रहा है कि ग्वालियर में कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन बची है. शहर के दर्जनों अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो रही है. सरकार के मंत्री और विपक्ष के विधायक भी शहर के अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचकर ऑक्सीजन की व्यवस्था करवा रहे हैं. 

वहीं ग्वालियर में निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद वहां के मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करवाया गया है. रातभर शहर के सभी अधिकारी अस्पतालों का जायजा लेते रहे. उस दौरान मंत्री तोमर और कांग्रेस के विधायक सतीश सिकरवार और प्रवीण पाठक भी मौजूद रहे.

 


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