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Union minister के भतीजे ने Shivraj के सिस्टम पर बोला जमकर हमला

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान या बीजेपी का कोई और नेता लाख दावा कर ले की मध्यप्रदेश में कोरोना का समुचित इलाज मिल रहा है, पर सच्चाई इससे एकदम परे है. मध्यप्रदेश में इलाज के क्या हालात हैं ये किसी से छिपा नहीं है. अधिकांश हॉस्पिटल ऐसे हैं, जहां ऑक्सीजन की कमी है, जरूरी दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. यही वजह है कि लोगों की नाराजगी दिनों दिन बढ़ती जा रही है. ताज्जुब की बात ये है कि ये नाराजगी अब तक कांग्रेस के नेता जाहिर कर रहे थे, लेकिन अब बीजेपी के नेता और बीजेपी से जुड़े लोग भी ये नाराजगी जाहिर करने में पीछे नहीं हैं. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बयान दिया है, प्रहलाद पटेल के भतीजे मोनू पटेल ने. मोनू पटेल ना सिर्फ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल के भतीजे हैं. बल्कि बीजेपी के विधायक जालम सिंह के बेटे भी हैं.

मोनू पटेल ने ऐसा बयान दिया है कि पूरी बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. ये ऐसा बयान है जो पूरी बीजेपी को आइना दिखा रहा है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल भी खड़े कर रहा है. मोनू पटेल ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला है और उस पोस्ट में बेहद चौंकाने वाली बातें लिखी हैं. इस फेसबुक पोस्ट में मोनू पटेल ने लिखा है कि बहुत ही दुख हो रहा है. ये जानकर कि सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है. अगर हकीकत जानना है तो शमशान घाट जाकर देखें नेता कि कितने लोगों की मौत हो रही है.

मरीजों को अब भी रेमेडिसविर इंजेक्शन नहीं मिल रहा और ऑक्सीजन की किल्लत लोगों की जान ले रही है. चारों जगह से रोज लोगों के रोने की आवाजें आ रही हैं और चीख-पुकार आ रही है. सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है और प्रशासन झूठ बोल रहा है. वैसे तो मोनू पटेल ने इस पूरी बातचीत में कहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जिक्र नहीं किया, ना ही बीजेपी पर कोई सवाल उठाए हैं, लेकिन जिस तरीके से उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि एक उंगली उठी प्रशासन की तरफ, लेकिन बाकी की चार अपने आप बीजेपी की तरफ ही उठ रही हैं. क्योंकि यहां शासन भी बीजेपी का है और प्रशासन भी बीजेपी का ही है. हालांकि मोनू पटेल ने प्रभारी मंत्रियों पर सवाल जरूर उठाएं हैं.

इस तरीके से मोनू पटेल ने यह पोस्ट तो सिर्फ नरसिंहपुर जिले के हालात पर किया है. पर पूरे प्रदेश की सच्चाई इसमें नजर आती है. उसे देखते हुए लगता है कि अब बीजेपी नेताओं के सब्र का बांध भी टूट रहा है. ऐसे में अगर सरकार ने तेजी से और आगे कदम नहीं बढ़ाया तो वो दिन दूर नहीं जब बीजेपी के नेता ही अपनी अपनी पार्टी के विरोध में बयानबाजी शुरू कर देंगे.


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