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मोदी-शाह को झटका, एक और सरकार गिरना तय!

मोदी-शाह को झटका, एक और सरकार गिरना तय!

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. किसानों के आंदोलन असर हरियाणा सरकार पर भी पड़ा, क्योंकि किसान आंदोलन का असर पंजाब के बाद हरियाणा में दिखाई दे रहा है. जिसके चलते खट्टर सरकार की सहयोगी पार्टी जेजेपी ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा था की अगर किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ तो वह राज्य की बीजेपी वाली सराकर से अपना समर्थन वापस ले लेंगे. जिसके बाद से खट्टर सरकार अधर में लटकी हुई है. इसी बीच बीजेपी को एक और बड़ा झटका लगा है. त्रिपुरा में सियासी हलचल बढ़ गई है, जब से भरी सभा में जनता ने सीएम विप्लव देव के खिलाफ नारेबाजी की है, तब से ही बीजेपी की धड़कने तेज हो गई है. यहां तक की विप्लव देव को भी कुर्सी खिसकने का डर सताने लगा है. जिसके संकेत उनके खुद के बयान से मिले है.

त्रिपुरा की जनता क्या बीजेपी सरकार को नहीं कर रही है पसंद या फिर जनता चाहती है त्रिपुरा में हो सत्ता परिवर्तन, यह सवाल सीएम के उस बयान के बाद उठे है जिनमें उन्होंने कहा है की लोगों से पूछेंगे की उन्हें मुख्यमंत्री रहना चाहिए या नहीं. दरअसल, बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रसचिव और त्रिपुरा के केंन्द्रीय पर्यवेक्षक विनोद कुमार सोनकर के दौरे के वक्त लोगों ने विप्लव हटाओं बीजेपी बचाओं के नारे लगाए थे. अब इस पर विप्लव देव की प्रतिक्रिया आई है.

मुख्यमंत्री विप्लव देव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा की वह 13 दिसंबर को विवेकानंद मैदान जाएंगे. और त्रिपुरा के लोगों से पूछेंगे की उन्हें मुख्यमंत्री रहना चाहिए की नहीं. उन्होंने कहा की अगर जनता मेरा समर्थन नहीं करती है तो में पार्टी आलाकमान को इसके बारे में सूचित करूंगा. मेरी जनता से अपील है की वो 13 दिसंबर को विवेकानंद मैदान पहुंचे. जनता निर्णय मेरे लिए अंतिम होगा. वही बीजेपी त्रिपुरा के प्रभारी विनोद सोनकर ने दावा किया है की राज्य की सत्ताधारी पार्टी में सबकुछ ठीक है. उन्होंने कहा की मैंने और सीएम दोनों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात की है. सीएम को त्रिपुरा के लोगों की सेवा करनी चाहिए. अगर कोई मसला है तो पार्टी इसपर गौर करेंगी.

भले ही त्रिपुरा बीजेपी में सब ठीक है, लेकिन इसके संकेत नहीं दिख रहे है अक्टूबर में ही त्रिपुरा बीजेपी के असंतुष्ठ विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. उन्होंने नड्डा से राज्य में खराब सरकार के प्रति चिंता भी जताई थी. अब सीएम के खिलाफ नेताओं से लेकर जनता तक आवाज उठ रही है. अब देखना होगा की क्या बीजेपी सीएम का चेहरा बदलती है या नहीं, लेकिन जनता के आक्रेश से बीजेपी की धड़कने तेज हो गई है.


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