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Mummy Parade : 3 हजार साल पुराने कंकालों की शाही परेड़

अभीतक आपने दुनियाभर में कई परेड़ों के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आपने कभी 3 हजार साल पुराने कंकालों की परेड़ (Mummy Parade) के बारे में सुना है. जी हां ऐसी ही एक अनोखी और भयानक परेड़ मिस्त्र में बीते शनिवार को निकाली गई. इतना ही नहीं परेड़ के दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई.

यह भव्य नजारा मिस्त्र की पुरानी इस्लामिक राजधानी की सड़को पर देखा गया. परेड में 22 ममीज (Mummy Parade) को शाही सवारी कराई गई. परेड को लेकर दिलचस्प बात यह है कि परेड को लेकर शंकाएं जताई गई, तो वही शाप का डर भी रहा. लेकिन मिस्त्र सरकार ने सभी को नजरअंदाज करते हुए 22 ममीज के केसेज को ट्रकों में रखकर परेड (Mummy Parade) में शामिल किया.

शाही परेड (Mummy Parade) के दौरान 21 तोपों की सलामी दी गई, साथ ही लाइट म्यूजिक का कार्यक्रम भी किया गया. ममीजों की शाही परेड़ (Mummy Parade) में राजा रामसेस, सेती, रानी हटशेपसूट शामिल रही. मशहूर अखबार डेली मेल के अनुसार एक शाम में बताया गया है कि राजा फिरौन की शांति में जो भी दखल देगा, वह मौत के करीब होगा. लेकिन ऐसी घटनाओं को पुरातत्वविदों ने खारिज कर दिया था. उनका कहना था की ऐसी घटनाएं केवल संयोग है, ममी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना इसका किसी भी प्रकार के हादसों से संबंध नहीं है. बल्कि ममी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से उनका सम्मान बढ़ेगा.

परेड़ को लेकर मिस्त्र सरकार का कहना है कि अभीतक तो लोग ममीज को एक जगह पर ही देख सकते थे. साथ ही वर्तमान में सरकार पैसे के संकट से जूझ रही है, ममजी की परेड़ से सरकार को उम्मीद है कि परेड (Mummy Parade) को देखने के लिए बड़े पैमाने पर लोग आएंगे, जिसके बाद कोरोना काल में सरकार की आय में वृद्धि होगी.

कौन था बादशाह फिरौन

राजा फिरौन मिस्त्र का सबसे ताकतवर बादशाह माना जाता था. बादशाह फिरौन ने मिस्त्र में 16वीं शताब्दी में शासन किया था, लेकिन विदेश राजा हक्सोस ने जब फिरौन की सलतनत पर हमला किया था, उस दौरान राजा हक्सोस ने बादशाह फिरौन को पकड़कर मौत के घाट उतार दिया था. हक्सोस ने फिरौन के शव को ममी बनाकर थेब्स में नेक्रोपोलिस के अंदर दफना कर दिया था. जिसकी खोज सन 1881 में हुई थी. वैज्ञानिकों ने जब फिरौन की ममी के सिर की जांच की तो पता चला की उसके सिर पर कई घाव के निशान है.

नए संग्राहलय में रखा जाएगा ममीज को

काहिरा में ममी बनाने की विशेषज्ञ सलीमा इकराम का कहना है कि अब इन ममियों को अच्छे संदूकों में ठीक ढंग से रखा जाएगा. इसके लिए संदूकों में नमी और तापमान नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ममी लंबे समय तक सुरक्षित रहे. ममियों को अब नए संग्रहालय में रखा जाएगा, जिसे 18 अप्रैल को आम जनता के लिए खोला जाएगा.


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