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जानिए, पापांकुशा एकादशी का महत्व और पूजन विधि 

आज पापांकुशा एकादशी है. हिंदु धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है. चंद्रमा की स्थिति के कारण व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति अच्छी और बुरी होती हैं. ऐसे में एकादशी का व्रत चंद्रमा के दुष्प्रभाव को रोकता है. और ग्रहों के असर को भी कम कर सकते है, क्योंकि एकादशी व्रत का सीधा प्रभाव मन और शरीर, दोनों पर पड़ता है. तो आइए आज हम आपको बताने जा रहे हैं एकादशी की पूजन विधि-

कहते हैं पापांकुशा एकादशी स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी लाभ पंहुचाती है. इस एकादशी पर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरुप की उपासना होती है और पापांकुशा एकादशी के व्रत से मन शुद्ध होता है. इसी के साथ इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का प्रायश्चित होता है. कहा जाता है इस दिन माता, पिता और मित्र की पीढ़ियों को भी मुक्ति मिलती है.

पूजन विधि- 
इस दिन सुबह या शाम को श्री हरि के पद्मनाभ स्वरुप का पूजन करें.
इसके बाद मस्तक पर सफेद चन्दन या गोपी चन्दन लगाकर पूजन करें.
वहीं उनको पंचामृत, पुष्प और ऋतु फल अर्पित करें.
और उसके बाद एक वेला उपवास रखकर, एक वेला पूर्ण सात्विक आहार ग्रहण करें.
ध्यान रहे शाम को आहार ग्रहण करने के पहले उपासना और आरती जरूर करें 
और आज के दिन ऋतुफल और अन्न का दान करना भी विशेष शुभ होता है.


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