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बिहार के चुनावी मैदान में एक दूसरे को टक्कर देते हसीन चेहरे

बिहार डेस्क  : बिहार में चुनावी बिसात बिछी है. हर अगले चरण के साथ चाले चली जा रही है . पूरे चुनाव में युवा चेहरों और तजुर्बेकार नेता का कॉम्बिनेशन भी इस पर देखने को मिल रहा है. लेकिन दो चेहरे ऐसे है जिस पर सबकी नजर आ टिकी है . वो दो हसीन चेहरे है महिला प्रत्याशियों के, एक एलजेपी मतलब की चिराग पासवान की पार्टी का और दूसरा जो लंदन रिर्टन होने के साथ साथ खुद की पार्टी बनाकर मैदान में है. 

दोनो ही हसीनाएं बिहार की राजनीति के बदलते दौर को बयां कर रही है 

कोमल सिंह एक राजनैतिक परिवार से आती है और चिराग की पार्टी एलजेपी से गयाघाट के प्रत्याशी है. 27 साल की कोमल से बिजनेस मैनेजमेंट की पढाई की है और प्राइवेट कंपनी की नौकरी के साथ साथ शेयर बाजार की भारी जानकार है. 

कोमल हसीन तो है ही लेकिन पढाई लिखाई के साथ साथ रसूख औऱ कमाई में भी बड़ी हाई फाई है. इसीलिए  बिहार में इन्हे दूसरी हसीना पुष्पम प्रिया की तोड़ के तौर पर देखा जा रहा है. वही पुष्पम पढाई लिखाई के साथ साथ बिहार के मैदानी स्तर की समस्याओं को बखूबी जानती है. लंदन से लौटी पुष्पम ने इसीलिए किसी दूसरे राजनैतिक दल के साथ हाथ मिलाने के बेहतर अपनी पार्टी बनाकर मैदान में आना ठीक समझा. 

पुष्पम की पार्टी कई सीटो पर चुनाव लड़ रही है और खुद पुष्पम पटना जिले के बांकीपुर से मैदान में है. दोनो हसीनाओ की मैदान में मौजूदगी बिहार की बदली सियासत के सफर तो बता रही है लेकिन 10 तारीख को ही पता चलेगा कि कोमल सिंह अपनी पार्टी लोजपा के लिए नया बिहार बना पाएंगी या पुष्पम प्रिया बिहार के गंगा घाटों को टेम्स की किनारों की तर्ज पर विकसित कर सकेंगी


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