liveindia.news

डोकलाम विवाद एक बार फिर चर्चा में: चीन ने कहा हमारी नही, भारत की सेनाएं हटी

डोकलाम विवाद पर भारत की कोशिशों की जीत के कसीदे पढ़े जा रहे हैं, लेकिन इस बीच चीन ने साफ कर दिया है कि भारत ने डोकलाम से अपनी सेनाएं हटा दी हैं लेकिन चीन की सेनाएं क्षेत्र में बनी रहेंगी और क्षेत्र में अपनी संप्रभुता कायम रखेंगी. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन 'डोकलाम में गश्त जारी रखेंगा.' 

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रक्ता हु चुनयिंग ने कहा कि 28 अगस्त की दोपहर भारत ने डोकलाम की सीमा से अपनी सेनाएं और उपकरण हटा दिए हैं. चीन के सुरक्षाकर्मियों ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि चीन ऐतिहासिक समझौते के आधार पर अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखेगा. चीन के विदेश मंत्रालय का यह बयान भारत द्वारा सोमवार को जारी उस बयान से बिल्कुल अलग है, जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच डोकलाम से सेनाएं हटाने पर सहमति बनी है.

चीन इलाके में सड़क बनाने की अपनी योजना पर चुप रहा. सड़क बनाने की उसकी योजना के चलते ही सिक्किम के पास डोकलाम इलाके में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध की स्थिति बन गयी थी. चीन ने कहा कि वह जमीनी स्थिति के साथ सामंजस्य स्थापित करेगा.

हालांकि भारत में भी कुछ राजनीतिक दलों ने भी भारत के इस दावे का खंडन किया था कि भारत और चीन दोनों ही डोकलाम से अपनी सेना हटाने को राजी हो गए हैं. कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा था कि जिस तरह का दावा भारत कर रहा है उसी तरह का कोई भी दावा चीन द्वारा नहीं किया गया है. 

जवानों को हटाने की आपसी सहमति के संबंध में भारत का बयान सोशल मीडिया और चीनी पत्रकारों के बीच वायरल होने के बाद चीन ने इस तरह की धारणा को खारिज करने का प्रयास किया कि बीजिंग ने अपनी गलती को मान लिया है.

चीन और भारत के जवानों के बीच 16 जून को गतिरोध की स्थिति पैदा हो गयी थी. तब भारत के सैनिकों ने चीन की सेना को विवादित क्षेत्र में सड़क बनाने से रोक दिया था.


Leave Comments