जिन्ना पर आडवानी का विरोध और जफर की मजार पर फूल चढ़ाना : ये कैसी राजनीति है मोदी जी

लाइव इंडिया न्यूज- म्यांमार दौरे के अंतिम दिन गुरूवार को पीएम मोदी ने अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की मजार पहुंच पुष्प अर्पित ​कर इत्र भी छिड़के. इस घटना के बाद जैसे ही लोगों को पीएम की तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखी, लोगों ने पीएम से सवाल पूछना शुरू कर दिया. आपको याद होगा जब लालकृष्ण आडवानी ने जिन्ना की मजार पर चादर चढ़ाई थी तो उसका चौतरफा विरोध बीजेपी और संघ के लोगों ने किया था. पर क्या अब संघ की तरफ से जफर की मजार पर फूल चढ़ाने को लेकर पीएम की आलोचना होगी. आपको बता दें कि यूपी सरकार मुगल बादशाहों के नाम पर बनी सड़कों, नगर के नाम बदल रही है और एमपी की किताबों में इतिहास बदला जा रहा है वही मोदी जी चादरपोशी कर रहे है, यह कैसी राजनीति है. 

इसके बाद मोदी ने कालीबाड़ी मंदिर पहुंचकर मां काली की पूजा भी की. आपको जानकारी के लिए बतादें कि रंगून के श्वेदागोन पगोडा विजीट करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो गए. गौरतलब है कि पीएम मोदी ने बुधवार को भारतीय मूल के प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप चाहे जहां भी रहें भारत आप की मदद के लिए हमेशा तैयार है. अपने संबोधन के दौरान म्यामार में रह रहे भारतीय प्रवासियों के साथ न्यू इंडिया विजन पर विचार साझा किए.

गौरतलब है कि मोदी के इस दौरे में भारत और म्यांमार के बीच कुल 11 समझौते हुए हैं. इसके बाद पीएम मोदी और म्यांमार की आंग सान सू ने एक साझा प्रेस कांन्फ्रेंस भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चूंकि भारत और म्यांमार पड़ोसी देश हैं ऐसे में दोनों की चिंताएं एक समान है.

सीमा सुरक्षा के मोर्चे पर भारत हमेशा म्यांमार की मदद के लिए तत्पर है. उन्होंने कहा भारत अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत म्यांमार से अपने रिश्तों को हमेशा मजबूत बनाए रखेगा.


Leave Comments