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मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगारों को 24 साल बाद टाडा अदालत ने सुनाई सजा

मुंबई सीरियल ब्लास्ट के 24 साल बाद मुम्बई की विशेष टाडा अदालत आज अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम सहित पांच दोषियों को सजा सुना दी गई है. टाडा अदालत ने उसे इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड मानते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इसके साथ ही ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी और करीमुल्लाह शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. रियाज सिद्दिकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है. एक अन्य दोषी मुस्तफा दोसा का दिल का दौरा पड़ने से इसी साल जून में पहले ही मौत हो चुकी है. मुंबई विस्फोट के 24 साल बाद अदालत ने इन दोषियों को सजा सुनाई है.

अबू सलेम

सजा: उम्रकैद, 2 लाख रुपये जुर्माना

गुनाह: मुख्य साजिशकर्ता. हत्या का भी दोषी पाया गया. धमाकों की साजिश, हथियार और विस्फोटक गुजरात से मुंबई लाने का आरोप.

ताहिर मर्चेंट

सजा: फांसी

गुनाह: धमाकों के लिए पैसा जुटाया. कई आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भिजवाया.

करीमुल्लाह शेख

सजा: उम्रकैद, 2 लाख रुपये जुर्माना

गुनाह: अपने दोस्त को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाई. हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की थी.

फिरोज राशिद खान

सजा: फांसी

गुनाह: दुबई में साजिश के लिए मीटिंग में शामिल हुआ. हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की थी.

रियाज सिद्दकी

सजा: 10 साल की सजा

गुनाह: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी और हमले की साजिश को अंजाम देने में मददगार.

12 मार्च 1993 में मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस हमले में दोषी पाए गए आरोपियों में पुर्तगाल से 2005 में प्रत्यर्पित कर लाया गया माफिया डॉन अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, मोहम्मद ताहिर मर्चेट, करीमुल्लाह खान, रियाज सिद्दीकी और फिरोज अब्दुल राशिद खान शामिल हैं. मुस्तफा को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित कर लाया गया था, जिसकी हाल ही में मौत हो गई है.

एक अन्य प्रमुख आरोपी अब्दुल कयूम को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था. फिल्म स्टार संजय दत्त के घर हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने में कयूम ने सलेम का साथ दिया था. कयूम को 13 फरवरी, 2007 को गिरफ्तार किया गया था. मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक सलेम पर हथियार और गोलाबारूद सहित एके-47 राइफल और हथगोला आपूर्ति का आरोप था, जिसका विस्फोट में इस्तेमाल किया गया था. इसे गुजरात से मुंबई लाया गया था.

प्रत्यर्पण संधि का सलेम को मिला फायदा

विशेष अदालत ने 2013 में सीबीआई की याचिका पर सलेम के खिलाफ कुछ आरोप हटा दिए थे. इस याचिका में सीबीआई ने उन आरोपों को भारत और पुर्तगाल के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के विपरीत बताया था. आरोपियों को व्यक्तिगत तौर पर या संयुक्त तौर पर प्रमुख आरोपों के लिए दोषी करार दिया गया. इसमें साजिश रचने, आतंकवाद, गोला-बारूद की आपूर्ति करने, हत्या, सार्वजनिक, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं.


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