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24 बीजेपी विधायकों का इस्तीफा! संकट में सरकार

कर्नाटक में पहले से ही फंसी बीजेपी की येदियुरप्पा सरकार अब बंड़े संकट में आती दिखाई देने लगी है. पार्टी के दो दर्जन के करीब विधायक सरकार से समर्थन वापसी के संकेत दे रहे है. सभी विधायक मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से नाराज चल रहे है, जिससे बीजेपी सरकार गिरना तय माना जा रहा है. येदियुरप्पा सरकार ने लगभग एक साल बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. पिछली बार 6 फरवरी 2020 को येदियुरप्पा ने मंत्रीमंडल का विस्तार किया था, लेकिन उस समय सीएम येदियुरप्पा ने उन्ही 10 विधायकों को ही मंत्री बनाया था जो कांग्रेस जेडीस छोड़कार बीजेपी में शामिल हुए थे और बाद में उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी. इसके बाद से ही बीजेपी में बगावत की स्थिति बनी पार्टी के दो दर्जन से ज्यादा विधायक येदियुरप्पा को सत्ता से हटाने की मुहिम में जुट गए थे, लेकिन येदियुरप्पा ने अपने नाराज विधायकों को यह कहकर मना लिया था की वह जल्द ही एक और मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे. जिसमें सभी को मौका दिया जाएगा.

अब येदियुरप्पा सरकार ने 13 जनवरी 2021 को एक बार फिर मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. जिसके बाद राज्य मंत्रिमंडल की संख्या 33 हो गई है. असंवैधानिक नियमों के अनुसार अब और मंत्री नहीं बनाए जा सकते है. इस बार येदियुरप्पा ने उमेश कट्टी सहित अन्य विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी है. ये दोनों ही विधायक पिछले एक साल से येदियुरप्पा को हटाने की मुहिम में जुटे थे. लेकिन येदियुरप्पा की विरोधियों को खुश करने की कोशिशे नाकाम फिर होती दिख रही है. दरअसल, पार्टी में करीब 25 विधायक मंत्रिमंडल विस्तार से नाराज है, विधायकों को गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका है.

 

विजयपुरा सीटी से बीजेपी विधायक बी पाटील ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए है कि वो वरिष्ठता और ईमानदारी को ध्यान में नहीं रख रहे बल्कि जो विधायक उनपर दबाव बना रहे है, उसे सरकार में शामिल कर रहे है. पाटिल का इशारा सीधे सीधे उमेश कट्टी मुर्गेश निगरानी को लेकर था. जिन्होंने पिछले एक साल से राज्य सरकार की नाक में दम कर रखा था. इतना ही नहीं पाटिल ने केन्द्रीय नेतृत्व और मोदी से गुहार लगाई है की वो कर्नाटक बीजेपी को येदियुरप्पा के चंगुल से मुक्त कराएं. बीजेपी के एक और विधायक काला कप्पी बन्नी ने भी मंत्रिमंडल विस्तार पर नाराजगी जताई है.

वही विधायकों की नाराजगी को देखते हुए येदियुरप्पा ने कहा की मंत्रिमंडल का विस्तार केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देश पर किया गया था, जिन्हें मंत्री बनाया गया है उनके नामों पर केन्द्रीय नेतृत्व ने सहमति जताई थी. में नाराज विधायकों से बात करूंगा. लेकिन फिर भी उन्हें परेशानी है तो वह केन्द्रीय नेतृत्व से बात कर सकते है. अब येदियुरप्पा के इस बयान से साफ माना जा रहा है की पार्टी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है. बीजेपी के करीब 2 दर्जन विधायक नाराज है, ऐसे में यदि ये विधायक पार्टी का साथ छोड़ते है तो येदियुरप्पा सरकार का गिना तय है.


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