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सावधान! देश में एक और वायरस ने मचाई तबाही

सावधान! देश में एक और वायरस ने मचाई तबाही

देश में कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस जैसे बीमारियों के कारण लोग परेशान हैं वही एक नए वायरस के मामले सामने आए हैं. यह कुछ हद तक कोरोनावायरस जैसा है जो कि एक इंसान से दूसरे इंसान को संक्रमित कर सकता है.

जहां अब देश में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या कम होती जा रही है तो वही डेल्टा वेरिएंट और कप्पा वेरिएंट ने लोगों में डर पैदा कर दिया है. कोरोनावायरस के बाद अब देश में एक नए वायरस के कुछ मामले सामने आए हैं. केरल में जिका वायरस के नए मामले सामने आए. रिपोर्ट की मानें तो केरल में जिका वायरस के 13 मामले सामने आ चुके हैं.

केरल के तिरुवनंतपुरम से जीका वायरस का पहला केस सामने आया है, एक 24 वर्षीय महिला जो कि गर्भवती है वह इस वायरस की चपेट में आ गई. उस महिला के साथ बाकी 13 मरीजों .की टेस्ट रिपोर्ट पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजे गए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि उस गर्भवती महिला ने 7 जून को बच्चे को जन्म दिया है और साथ ही उसकी हालत भी अभी ठीक है.

यह वायरस एडिज प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है. एडीज मच्छरों को एई के नाम से भी जाना जाता है. यह संक्रमित मच्छर रात और दिन दोनों समय किसी को भी काट सकते हैं. चिकनगुनिया डेंगू और येलो फीवर जैसी बीमारियों का कारण एडिज एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) के नाम वाले मच्छर बन सकते हैं. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन  (Centre for Disease Control and Prevention) के अनुसार गर्भवती महिला के भ्रूण में‌ जीका वायरस प्रेगनेंसी के दौरान जन्म दोष पैदा कर सकता है. सीडीसी के मुताबिक यदि कोई इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के साथ सेक्स संबंध बनाता है तो वह उस इंसान को इन्फेक्ट कर सकता है.

लक्षण

लक्षणों की बात की जाए तो इस वायरस के लक्षण भी कुछ कोरोनावायरस के जैसे ही हैं पर उसके जितने गंभीर नहीं होते. बुखार आना, सिर दर्द होना, आंखें लाल होना, मांसपेशियों में दर्द होना, जोड़ों में दर्द होना और बेचैनी यह सब ईस वायरस के लक्षण है. इस वायरस के संक्रमण से निकलने में व्यक्ति को 3 से 14 दिन तक का समय लगता है और इसके लक्षण 2 से 7 दिनों तक रह सकते हैं. WHO के अनुसार, जिका वायरस के लक्षण साफ तौर पर विकसित नहीं हो पाते हैं. सीडीसी का मानना है कि इससे संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ता और इससे बहुत कम लोगों की मौत होती है.

ईलाज

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, इस वायरस के इलाज की कोई दवा नहीं है. इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को खूब सारा पानी पीने के लिए कहा जाता है और पानी पीने से इसे कम करने में मदद मिलती है. इस वायरस से संक्रमित लोगों को डॉक्टर पर्याप्त आराम और हाइड्रेटेड रहने की सलाह देते हैं. इसके संक्रमण को कम करने के लिए  मरीज़ दर्द निवारक दवाएं भी ले सकते हैं पर उसके लिए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.


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