इंदौर में जुटे विपक्ष के नेताओं का भाजपा और संघ पर आरोप : सांझी विरासत

विपक्षी नेताओं ने बुधवार शाम आयोजित 'साझी विरासत' कार्यक्रम में भाजपा और संघ को जमकर कोसा. उनका कहना था भाजपा एक सोच, एक रंग में देश को रंगने की साजिश रच रही है. देश में जनता के खुलकर बोलने पर भी पाबंदी लगी है. सरकार के खिलाफ मुंह खोलते ही आपत्ति ले ली जाती है. देश के मुखिया खुद चापलूसों से घिरे हैं.

जदयू के नेता शरद यादव ने कहा साझी विरासत आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि मजदूर और किसानों का आंदोलन है. जिनके दम पर सरकार बनी है, आज उन्हीं का दमन हो रहा है. शासन जो दावे कर रहा है, वास्तविकता उससे कोसों दूर है. हमें साझी विरासत को गांव-गांव में ले जाना है.

प्रतिमा के नीचे फैसला भी लगा दे सरकार

शर्मा ने कहा प्रधानमंत्री ने कहा था सरदार पटेल की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी. आज कहा जा रहा है प्रतिमा चीन में बन रही है. यह कब आएगी और कब लगेगी, किसी को नहीं मालूम. प्रतिमा लगाने पर कांग्रेस को आपत्ति नहीं है. हम तो सिर्फ यह चाहते हैं कि इस प्रतिमा के नीचे सरकार 4 फरवरी 1948 का वह फैसला भी लगा दे जो बापू की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाते वक्त लिया गया था.

घर बर्बाद हो रहे हैं, सरकार जश्न मना रही है

नेताओं ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि तीन साल पहले बीजेपी ने 2 करोड़ नए रोजगार पैदा करने का दावा किया था. नोटबंदी के बाद लाखों नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं. लोगों के पास काम-धंधा नहीं है. घर बर्बाद हो रहे हैं और सरकार सफलता का जश्न मना रही है. वास्तविकता यह है कि सरकार परीक्षा में फेल हो रही है, लेकिन उसने इसे सफलता बताने के लिए मूल्यांकन का तरीका ही बदल दिया.

आशाराम तो भू-माफिया है

दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आशाराम को भू-माफिया बताते हुए शरद यादव ने कहा भाजपा के कई नेता राम रहीम के पास वोट मांगने के लिए जाते थे, लेकिन कोर्ट ने उसे सजा सुनाकर असलियत सबके सामने ला दी. उन्होंने कहा कि एक बाबा का हाल तो देश की जनता ने देख लिया, लेकिन अब दूसरे बाबाओं की बारी है. सरकार का दायित्व है कि सबके साथ एक जैसा व्यवहार करें.


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