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क्यों बैन के बाद भी डाउनलोड हो रहा है टिकटॉक ?

गुजरात डेस्क :भारत में चीन द्वारा लद्दाख सीमा पर हुए खूनी संघर्ष के बाद से ही, चीनी समान का विरोध होना शुरू हो गया है. इसी को देखते हुए भारत सरकार द्वारा भी चीन के कई ऐप्स को भारत में बैन कर दिया गया था. इस में मशहूर वीडियो ऐप टिकटॉक भी शामिल था. टिकटॉक के देश में बैन हो जाने से इसके कई यूज़र्स को झटका लगा था, लेकिन देशवासियों ने सरकार द्वारा लिए गए इस कदम का काफी अच्छी तरह से सम्मान किया. जहां एक बार अगर कोई ऐप देश में बैन हो जाए तो दोबारा डाउनलोड नहीं हो सकता, वहीं अब यह टिकटॉक ऐप वापस से भारतीय मोबाइल फ़ोन्स में डाउनलोड किया जा रहा है.

जी हां टिकटॉक अब वापस लोगों के फोन में दस्तक दे रहा है. लेकिन इस बार यह ऐप किसी स्टोर या गूगल प्लेस्टोर से नहीं बल्कि एक खास लिंक के ज़रिये सीधे ब्राउज़र से डाउनलोड हो रहा है. दरअसल, गुजरात के सूरत और अहमदाबाद से ऐसे ही कई मामले सामने आये हैं. बता दें की यह लिंक कुछ मोबाइल फ़ोन में ही भेजी जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक यूज़र के फ़ोन में यह ऐप डाउनलोड और सक्रीय होते देखने के बाद इस मामले की तुरंत जांच शुरू की गई. इस घटना को देखने के बाद साइबर एक्सपर्ट से लेकर एथिकल हैकर्स और साइबर पुलिस भी हैरान है. 

आपको बता दें की इस मामले में कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है की, हो सकता है टिकटॉक ने थर्ड पार्टी की सहायता से कोई जुगत भिड़ाई हो. सरकारी एजेंसियों को इस पर तत्काल कोई एक्शन लेना चाहिए. इतना ही नहीं ऐसा भी कहा जा रहा है की, जो लोग पहले से टिकटॉक के यूज़र्स रह चुके हैं और वीडियो, फोटो अपलोड करते थे उन्हें फिर से ऐप से जोड़ा जा रहा है. बताया जारहा है की इस लिंक को व्हाट्सएप, इ मेल मैसेज और मैसेंजर से एपीके फॉर्मेट पर भेजा जा रहा है. यह लिंक उन लोगों को आ रही है जो गूगल पर टिकटॉक को सर्च कर रहे हैं. 

 


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