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अखिलेश की मुश्किलें बढ़ी, गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की होगी CBI जांच

लाइव इंडिया न्यूज़ योगी सरकार ने लखनऊ गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया है।  कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता वाली कमेटी ने हाल ही में अपनी कार्रवाई संस्तुति रिपोर्ट में इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश मंजूर कर ली है।सूत्रों की माने तो कई सरकारी अफसर समेत पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी मुश्किल में फंस सकते है। इसके बाद गृह विभाग सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को अनुरोध पत्र भेजेगा। खन्ना समिति की रिपोर्ट में कई छोटे-बड़े अफसरों, अभियंताओं को योजना में अनियमितता करने का आरोपी मानते हुए उन पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। रिपोर्ट में पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन व दीपक सिंघल के पक्षों को भी शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि रिवर फ्रंट परियोजना पिछली अखिलेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट रही है। वर्ष 2014-15 में गोमती नदी के चैनलाइजेशन परियोजना के लिए 656 करोड़ रुपये की धनराशि तय की गई। पर इसमें 1,513 करोड़ रुपये ले लिए गए। परियोजना का सिर्फ 60 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ। इसके तहत नदी के दोनों किनारों पर दीवार खड़ी कर वहां सुन्दरीकरण के काम कराए गए लेकिन गोमती नदी में गिरते नालों का डायवर्जन नहीं किया जा सका। 


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