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बंगाल का नाम बदलने को लेकर केंद्र और ममता में तकरार

लाइव इंडिया न्यूज़। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर बांग्ला रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया, केंद्र से अप्रूवल मिलते ही पश्चिम बंगाल का नया नाम बांग्ला होगा। बता दें कि पहले भेजे गए प्रस्ताव में कई नाम होने के कारण केंद्र ने खारिज कर दिया था ।
नाम बदलने के पीछे सरकार का तर्क ये है कि अल्फाबेट में 28th नंबर होने के कारण उन्हें संसद में लास्ट में बोलने का मौका मिलता है।बता दें कि पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है, अगर इस बार केंद्र से अप्रवूल मिलता है, तो राज्य का नया नाम बांग्ला हो जाएगा । साथ ही आपको बता दें कि इससे पहले भी ममता ने राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन तब राज्य के नाम अलग-अलग भाषाओं में थे। उस दौरान कहा गया था कि पश्चिम बंगाल को बंगाली में बांग्ला, हिंदी में बोंगाल और इंग्लिश में बेंगाल कहा जाएगा। इसलिए केंद्र ने ऐतराज जताते हुए वो प्रस्ताव खारिज कर दिया था ।

हालांकि इस बार सरकार ने फैसला लिया है कि तीनों भाषाओं में सिर्फ एक ही नाम रखा जाएगा, वो है बांग्ला। सरकार की ओर से कहा गया कि वो उम्मीद करते हैं कि इस बार संसद उनके इस नाम पर मुहर लगा देगी । सरकारी की तरफ से नाम बदलने का कारण ये बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से तैयार किए गए किसी भी ऑफिशियल सर्कुलर में अल्फाबेट के कारण नाम सबसे निचली लिस्ट में होता है और नाम बदलने से सांसदों को संसद में अपने मुद्दे उठाने में ज्यादा आसानी होगी वे संसद के शुरुआती सेशन में अपने मद्दे उठा सकेंगे । 


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