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Mamata कर देंगी लेफ्ट जैसा BJP का हाल!

पश्चिम बंगाल में Assembly elections होने में कुछ ही समय बचा है. लेकिन चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही राज्य की सियासत अपने चरम पर है. बंगाल के चुनाव पर इस बार पूरे देश की नजर है. वही बीजेपी ने भी ममता के किले को हथियाने के लिए अपनी पूरी ताकत झौंक दी है. बीजेपी ने ममता के कई विधायकों और सांसदों को अपने पाले में तो कर लिया है, लेकिन ममता के माथे पर एक सिकन नजर नहीं आ रही है. मामता का कहना है की वह मरते दम तक लड़ती रहेंगी.

ममता बनर्जी वही है, जिन्होंने 34 साल से स्थापित लेफ्ट के शासन को जड़ से उखाड़ फेंका था. बात साल 2011 की है, जब mamata banerjee ने बंगाल में पूरे जोश के साथ हुंकार भरी थी. उस दौरान ममता ने एक नारा दिया था मां, माटी, मानुष ममता का यह नारा बंगाल में ऐसा परिवर्तन लाया की 34 साल से राज कर रही लेफ्ट को ममता के सामने घुटने टेकने पड़े और उनके इस नारे ने ममता को इतना ताकतवर बना दिया की ममता आज तक बंगाल की सत्ता पर काबिज है. mamata banerjee को बंगाल की जनता का इतना प्यार मिला की जो 2011 के चुनावी नतीजों से समझा जा सकता है. 

2011 का विधानसभा चुनाव 

mamata banerjee की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जब साल 2006 का Assembly elections लड़ा तो उन्हें महज 30 सीटों पर जीत दर्ज की थी, लेकिन पांच साल में बंगाल में मिले प्यार ने ममता को साल 2011 में बंपर सीटे दे डाली. साल 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता की पार्टी को 184 सीटे मिली. यानी ममता को 154 सीटों का फायदा मिला. इतना ही नहीं जब साल 2016 में मोदी लहर की आंधी चल रही थी, उस दौरान भी मोदी लहर दीदी का कुछ नहीं बिगाड़ पाई और ममता ने एक बार फिर छलांग मारी और 211 सीटों पर कब्जा कर लिया. अब बारी है, 2021 के Assembly elections की. BJP ने दावा किया है उनकी इस बार 200 सीटे आ रही है. ऐसे में सवाल खड़ा होता है की क्या 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ममता के किले को भेद पाएगी, क्या ममता 2021 के विधानसभा चुनाव में अपनी शाख बचाने में सफल हो पाएंगी. 

चुनाव में दीदी की बड़ी तैयारी

आगामी Assembly elections 2021 को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी TMC अपनी कमर कंसे हुए है. भले ही ममता के कई विधायक और सांसद BJP में चले गए हो, लेकिन ममता ने बीजेपी को शिकस्त देने के लिए राजनीति के मशहूर रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अपने खेमे में शामिल किया है. वही राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है की इस बार भी ममता फिर से सत्ता पर काबिज होंगी, भले ही पार्टी का वोट प्रतिशत कम हो जाए. लेकिन mamata banerjee सरकार को उखाड़ फेंकना बीजेपी के बस की बात नहीं है. क्योंकि टीएमसी में टिकट बंटवारे में रणनीतिकार प्रशांत किशोर की रणनीति अपना अहम योगदान देगी. अब देखना होगा की ममता और उनकी पार्टी अपनी शाख को बचाने में कामयाब हो पाएंगी या नहीं. या फिर जिस तरह से ममता ने लेफ्ट का पतन किया था, ठीक उसी तरह बीजेपी इस बार के चुनावों में mamata banerjee का पतन कर देगी.


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