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प्लास्टिक बैग के उपयोग से 4 साल की सजा या 40 हजार डॉलर का जुर्माना 

अफ्रीकी देश केन्या ने प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर दुनिया में सबसे कड़े दंड का प्रावधान किया है. इन प्रावधानों के तहत प्लास्टिक बैग के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर चार साल की कैद या 40 हजार डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है. प्लास्टिक बैग से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए इस दंड व्यवस्था को लागू किया गया है. भारत में भी कई राज्यों में प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लागू है. लेकिन वह ज्यादा प्रभावी नहीं हो सका है.

केन्या ने प्लास्टिक बैग पर लिया कड़ा प्रानधान -

प्लास्टिक बैग पर कड़ाई से प्रतिबंध लागू करके केन्या 40 से ज्यादा देशों के उस समूह में शामिल हो गया है. जो इस प्रदूषणकारी उत्पाद के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं. इस समूह में चीन, फ्रांस, इटली, रवांडा जैसे देश शामिल हैं. खाद्य पदार्थो को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले ये बैग जहां-तहां फेंके जाते हैं. परिणामस्वरूप समुद्र में पाई जाने वाले व्हेल, डॉल्फिन मछलियों, कछुओं और सड़क पर घूमने वाले जानवरों को इससे नुकसान पहुंचता है. कई बार इन जानवरों के अमाशय और आंतों में प्लास्टिक बैग पाए गए हैं.

प्लास्टिक बैग से पड़ता है पर्यावरण पर असर -

प्लास्टिक बैग ने समुद्री पर्यावरण पर खासा असर डाला है. भारत समेत कई देशों में प्लास्टिक बैग ने जल निकासी व्यवस्था और मिट्टी के गुणों को भी प्रभावित किया है. केन्या में संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम से जुड़े हबीब अल-हैबर के अनुसार प्लास्टिक बैग को गलकर विलीन होने में पांच सौ से एक हजार साल का समय लगता है. तब तक यह खाद्य श्रृंखला में शामिल होकर मनुष्य और जानवरों में अपना प्रभाव छोड़ देगा. इसलिए समय रहते मानवता पर इस खतरे को काबू करने की जरूरत है.


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